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बिहारशरीफ सदर हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर वेतन रोके जाने का कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में अस्पताल के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों ने एकजुट होकर नालंदा के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि स्वास्थ्य सेवा एक अत्यावश्यक और 24 घंटे चलने वाली आपातकालीन सेवा है। जिसे सामान्य कार्यालयी कर्मचारियों की तरह सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे की ड्यूटी के दायरे में नहीं बांधा जा सकता। जानिए क्या है पूरा मामला जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में डॉक्टरों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को विस्तार से रखा है। डॉक्टरों ने बताया कि उनका कार्य केवल निर्धारित कार्यालय समय तक सीमित नहीं है। मरीजों को 24×7 चिकित्सा सेवा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें इंजरी रिपोर्ट तैयार करने, पोस्टमार्टम करने, अदालती साक्ष्य/गवाही देने के लिए अन्य जिलों में जाने और बाढ़, मेला या वीआईपी ड्यूटी जैसे कई अतिरिक्त कार्य भी करने पड़ते हैं। डॉक्टरों की कमी और अतिरिक्त काम का बोझ पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सदर अस्पताल सहित कई स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की भारी कमी है। ऐसी स्थिति में महज 2-3 चिकित्सक ही आपसी समन्वय और तालमेल से 24 घंटे की इमरजेंसी और आवश्यक सेवाएं संचालित कर रहे हैं। अगर कोई एक चिकित्सक अवकाश पर जाता है, तो दूसरे चिकित्सक को उसकी जगह ड्यूटी करनी पड़ती है, जिससे उनके काम के घंटे निर्धारित समय से कहीं अधिक हो जाते हैं। अन्य जिलों का दिया हवाला चिकित्सकों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इन व्यावहारिक परिस्थितियों को समझे बिना केवल मशीन (बायोमेट्रिक) की उपस्थिति के आधार पर वेतन रोक देना पूरी तरह से अव्यावहारिक है। इससे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम कर रहे चिकित्सकों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने डीएम को यह भी बताया कि बिहार के अन्य कई जिलों में इन परिस्थितियों को देखते हुए बायोमेट्रिक की बाध्यता को खत्म कर वेतन का भुगतान किया गया है। अंत में, सभी चिकित्सा पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर रोके गए वेतन के भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि चिकित्सकों का मनोबल बना रहे और जिले की जनता को बिना किसी बाधा के स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें। ज्ञापन पर दर्जनों डॉक्टरों के हस्ताक्षर डीएम को सौंपे गए इस पत्र पर सदर अस्पताल के दर्जनों चिकित्सकों के हस्ताक्षर हैं। इनमें डॉ. विश्वजीत कुमार, डॉ. सी.जे. शेखर, डॉ. राजीव रंजन कुमारी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. संगीता वर्मा, डॉ. आकृति कुमारी, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. स्मृति रानी, डॉ. शिल्पा सिन्हा, डॉ. नीतू सहाय, डॉ. वसीम फिरोज, डॉ. प्रियंका, डॉ. वीणा प्रभा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. संजीव कुमार समेत कई अन्य चिकित्सा पदाधिकारी शामिल हैं।
