![]()
बोकारो के चास में 53वें वार्षिक श्रावणी महोत्सव के दौरान एक शोभायात्रा में अजगर सांप के साथ करतब दिखाए जा रहे थे। वन विभाग ने सूचना मिलने पर अजगर को रेस्क्यू कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। यह घटना मंगलवार देर रात श्री श्री शनि ठाकुर बाड़ी में हुई। मंदिर प्रांगण से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें उज्जैन और जमशेदपुर से आए कलाकारों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान कलाकारों की एक टीम अजगर सांप के साथ करतब दिखा रही थी, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ और सांप के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अजगर को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रभारी डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना और उनसे प्रदर्शन कराना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने हस्तक्षेप करते हुए सांप को रेस्क्यू किया। नीतीश कुमार ने आगे बताया कि रेस्क्यू किया गया अजगर पाइथन समूह का है और संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है। ऐसे वन्यजीवों को न तो पालतू बनाया जा सकता है और न ही उनसे किसी प्रकार का करतब कराया जा सकता है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर या सांप को पकड़कर रखने के बजाय इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई। अजगर को बाद में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
