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मधेपुरा के सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में गुरुवार की सुबह शादी समारोह के दौरान पटाखे की चिंगारी से पंडाल में आग लग गई। घटना करीब 3.45 बजे की है। आग लगते ही मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। पंडाल का करीब 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि टेंट हाउस के कर्मचारियों, मंदिर सुरक्षा गार्डों और अग्निशमन टीम की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। इससे आग मुख्य मंदिर और आसपास के हिस्सों तक फैलने से बच गई और बड़ा हादसा टल गया। वाटरप्रूफ पंडाल के कपड़े में चिंगारी से लगी आग बताया गया मंदिर परिसर में शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान वर-वधू पक्ष के रिश्तेदार और दोस्तों की ओर से 60 शॉट वाला स्काई शॉट पटाखा छोड़ा जा रहा था। पटाखे से निकली जलती हुई चिंगारी मंदिर परिसर में लगे वाटरप्रूफ पंडाल के कपड़े पर जा गिरी। इसके बाद पंडाल में तेजी से आग फैलने लगी। आग की लपटें उठते ही उत्तम टेंट हाउस के कर्मचारी श्रवण कुमार, राहुल यादव, किश्टो सिंह, छोटू कुमार और नीतीश कुमार मंदिर सुरक्षा में तैनात गार्ड दिलीप कुमार और आदर्श कुमार के साथ आग बुझाने में जुट गए। मौके पर मौजूद आठ CO2 अग्निशामक सिलेंडरों की मदद से आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। टेंट कर्मचारियों ने ऊंचाई पर पहुंचकर डाला पानी सूचना मिलने पर अग्निशमन टीम भी मौके पर पहुंची। पंडाल काफी ऊंचा होने के कारण पानी की बौछार ऊपर तक पहुंचने में परेशानी हुई। इसके बाद टेंट कर्मचारियों ने ऊंचाई पर पहुंचकर पानी डालते हुए आग को पूरी तरह बुझाया। घटना की सूचना मिलते ही सिंहेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पतरघट के वार्ड-16 निवासी दूल्हे प्रवीण कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। दूल्हे ने पुलिस को बताया कि वह पांच-छह लोगों के साथ मंडप में शादी की रस्में पूरी कर रहा था। पटाखा किसने छोड़ा, इसकी जानकारी होने से उसने इनकार किया। युवक को पुलिस के हवाले किया मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक भवेश कुमार ने बताया कि शादी समारोह के दौरान पटाखे जलाए जा रहे थे। इसी दौरान पंडाल में आग लगी। शादी करने आए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जबकि लड़की मौके से चली गई। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त पंडाल को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया गया है। घटना के बाद श्रावणी मेले के दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सावन में मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में परिसर में शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी की अनुमति कैसे मिली, यह बड़ा सवाल है। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच गंभीर हादसा हो सकता था। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ नवीन कुमार सिंह और मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक भवेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


