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हाईकोर्ट में शुक्रवार को अपर बाजार के जालान रोड में चार दुकानदारों को दुकान खाली करने और तोड़ने से संबंधित रांची नगर निगम के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए नगर निगम के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि नगर निगम को कोई कार्रवाई करनी है तो उसे नियमानुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे बढ़ना होगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि निगम ने जिस व्यक्ति के नाम नोटिस जारी किया, उसकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है। वहीं, निगम को यह जानकारी थी कि संबंधित स्थल पर आठ दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन सभी दुकानदारों को नोटिस नहीं दिया गया। अदालत ने इसी आधार पर कार्रवाई के आदेश को रद्द कर दिया। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शिल्पी गाड़ोदिया ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जालान रोड स्थित खाली जमीन रांची नगर निगम ने दो व्यक्तियों को आवंटित की थी। बाद में निगम की अनुमति से वहां आठ लोगों ने दुकानें बनाई थीं। इसके बावजूद निगम ने जमीन खाली कराने का नोटिस जारी कर दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू करने की बात कही थी।


