Saturday, August 15, 2026

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दुमका में राज्यपाल ने फहराया तिरंगा:युवाओं के भविष्य से जुड़ा है परीक्षा, पेपर लीक और कदाचार किसी कीमत पर स्वीकार नहीं


झारखंड की उपराजधानी दुमका में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार को लेकर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से सीधे जुड़ा विषय है। प्रश्न-पत्र लीक, कदाचार या किसी भी तरह की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार परीक्षा व्यवस्था की कमियों की गहन समीक्षा करेगी और उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है, क्योंकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर ऐसी घटनाओं का सीधा असर पड़ता है। दुमका में झंडोत्तोलन की तस्वीरें देखें… सरकारी नौकरी तक सीमित न रहे रोजगार राज्यपाल ने कहा कि झारखंड युवा शक्ति से समृद्ध राज्य है। युवाओं में प्रतिभा और परिश्रम की कोई कमी नहीं है, ऐसे में उन्हें उनकी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। निजी क्षेत्र, उद्योग, कृषि, पर्यटन, सेवा क्षेत्र और स्वरोजगार के माध्यम से भी युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार किए जा सकते हैं। राज्यपाल ने स्टार्टअप और छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए युवाओं को ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार उनके उज्ज्वल भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला है। सरकारी सेवाओं में युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इस दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। अपनी ऊर्जा और नए विचार राज्य के विकास में लगाएं राज्यपाल ने युवाओं को राज्य और देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनसे अपनी ऊर्जा, तकनीक, नए विचार और कुछ नया करने के साहस का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं के पास ऊर्जा, तकनीक, नए विचार और बदलाव लाने का साहस है। जरूरत है कि इन क्षमताओं को सही दिशा देकर राज्य और देश के विकास को नई गति दी जाए। राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं और उनकी प्रतिभा व परिश्रम का सम्मान हो। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, रोजगार के पर्याप्त अवसर और युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर जोर दिया।

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