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शेखपुरा सिविल कोर्ट के प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने हत्या के 22 साल पुराने मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के एकरामा गांव से संबंधित है। दोषी पाए गए रमेश यादव और जेटला यादव पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसी मामले में एक अन्य नामजद अभियुक्त हरिवंश यादव को न्यायालय पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुका है। हालांकि, इस घटना के दो अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। हाल ही में सजा सुनाए गए दोनों दोषियों को लंबी फरारी के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया था। जिला लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा और अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि यह घटना 2 अगस्त 2004 को हुई थी। ठेकेदारी के काम में रंगदारी न देने के कारण सभी आरोपियों ने मिलकर एकरामा गांव निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वीरेंद्र गांव के बधार में मिट्टी कटाई का काम कर रहे थे। आरोपियों के हाथों में राइफलें थीं, जिससे वीरेंद्र को गोली मारी गई। ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुई इस हत्या के बाद मृतक के भाई राजेश कुमार ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने गहन अनुसंधान पूरा करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, मृतक के परिजन और ग्रामीणों सहित कुल सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने पिछले हफ्ते बुधवार को इन दोनों को दोषी करार दिया था। सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधान जिला जज के समक्ष पेश कर उन्हें सजा सुनाई गई, जिसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
22 साल पुराने हत्या मामले में 2 को उम्रकैद:ठेकेदारी में रंगदारी न देने पर हुई थी, 5-5 हजार का जुर्माना
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