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सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में मंत्रियों के स्वागत के लिए स्कूली बच्चों को चिलचिलाती धूप में खड़ा करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर डिजिटल पर खबर प्रसारित होने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद गुरुवार को सिमरी बख्तियारपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) मनोज कुमार सिंह ने त्वरित कदम उठाए। बीडीओ ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और मनमानापन मानते हुए दो विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, स्पष्टीकरण स्वीकृत होने तक तीनों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। सभा में बच्चों को रोके रखा गया बीडीओ सह बीईओ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार और आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सादा के रायपुरा पंचायत सरकार भवन मैदान में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान दोपहर करीब 12 बजे बच्चों को बिना किसी वरीय पदाधिकारी के आदेश या सूचना के राजनीतिक जनसभा में भेजा गया था। बच्चों को फूल बरसाने के बाद भी सभा में रोके रखा गया। जिन प्रभारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, रायपुरा भौरहा के प्रधानाध्यापक; मध्य विद्यालय, रायपुरा भौरहा के प्रधानाध्यापक; और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सिमरी बख्तियारपुर की वार्डन शामिल हैं। कड़ी धुप में फूल बरसाने का काम कराया आदेश पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि विद्यालय अवधि में बच्चों की पढ़ाई बाधित कर उन्हें भीषण धूप में खड़ा कर फूल बरसाने का कार्य कराया गया। यह कृत्य विभागीय नियमों के पूरी तरह प्रतिकूल, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता को दर्शाता है। प्रशासन ने पूछा है कि यह कार्य किस परिस्थिति और किसके आदेश पर कराया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
