![]()
उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वार्षिक लक्ष्य, प्राप्त आवेदनों और लाभुकों के चयन की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान सुकर विकास, बकरा विकास, कुक्कुट पालन और ब्रायलर कुक्कुट पालन समेत अन्य योजनाओं की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने कहा कि लाभुकों का चयन निर्धारित मापदंड के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। प्रखंड स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया, ताकि अधिक से अधिक योग्य लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकें। उन्होंने कहा कि लाभुकों को वितरित किए जाने वाले पशुधन की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। केवल स्वस्थ पशुओं का ही वितरण सुनिश्चित किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई ।बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने वेद व्यास आवास योजना, पिकअप वैन, विपणन किट, मत्स्य बीज उत्पादन एवं वितरण, सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती और तालाबों के जीर्णोद्धार की स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में करीब 50 प्रतिशत सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती हो चुकी है। उपायुक्त ने शेष तालाबों की बंदोबस्ती जल्द कराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती से मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी। बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रसाद, जिला मत्स्य पदाधिकारी रितु रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
