Friday, August 21, 2026

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सीजीएल परीक्षा की जांच के लिए एसआईटी गठित:37 से पूछताछ, सीआईडी ने पेपर लीक से इनकार किया था, अब जांच का दायरा बढ़ाया


जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की जांच का दायरा बढ़ने लगा है। पहले सीआईडी ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दायर कर पेपर लीक की बात से साफ इनकार किया था। लेकिन अब परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के सनसनीखेज खुलासे के बाद सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने 17 सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी है। एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व में बनी एसआईटी में 7 आईपीएस अफसर समेत डीएसपी, इंस्पेक्टर और दारोगा को शामिल किया गया है। एसआईटी ने कमान संभालते ही गुरुवार को 37 संदिग्धों को नोटिस देकर पूछताछ की। इनसे पूछताछ और गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि सरकार ने सीजीएल परीक्षा रद्द कर दी है। अफसरों की प्रोजेक्ट भवन में एंट्री रोक दी गई है। इसके बाद वे सड़क पर उतर गए हैं। आंदोलन शुरू कर दिया है। ये आईपीएस अधिकारी एसआईटी में शामिल
एसटीएफ आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व में बनी एसआईटी में डीआईजी (एससीआरबी) वाईएस रमेश, एसपी (विशेष शाखा) हृदीप पी. जनार्दनन, एसपी (एसआईबी) सौरभ, एसपी (मुख्यालय) निधि द्विवेदी, एसपी (सीआईडी) पूज्य प्रकाश, एसपी (सीआईडी) रोशन गुड़िया और एएसपी चैनपुर श्रुति को शामिल किया गया है। यह परीक्षा 21 व 22 सितंबर 2024 को हुई थी। सीआईडी थाने में 1 जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी हृदीप पी. जनार्दनन अनुसंधानकर्ता बनाए गए थ्ज्ञे। इस मामले में करीब दर्जनभर आरोपी जेल में हैं। अभय तिवारी ने स्वीकारा था-सीजीएल में धांधली हुई, पैसे लेकर अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराया
इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में धांधली मामले में परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी की पूछताछ में उसने बताया कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। भारी-भरकम रकम लेकर अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराया गया था। इस खुलासे के बाद सीआईडी में हड़कंप मच गया। पहले पेपर लीक की बात को साफ तौर पर नकारने वाली सीआईडी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। आनन-फानन में भारी-भरकम एसआईटी बना दी। उसे जांच के लिए मैदान में उतार दिया। एसआईटी बनने ही उसने मामले की जांच शुरू कर दी।

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