Saturday, August 22, 2026

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'आंदोलन के मुद्दे तेजस्वी को सदन में उठाने चाहिए थे':चिराग बोले- नेता प्रतिपक्ष को अपनी जिम्मेदारी निभानी जरूरी है, चीनी की कीमत पर बोले; उत्पादन कम हुआ


पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तेजस्वी के आंदोलनकारियों के समर्थन पर प्रतिक्रिया दी है। चिराग ने कहा कि बेहतर होता कि जब सदन चल रहा था, उस समय नेता प्रतिपक्ष सदन में मौजूद रहकर इन मुद्दों को उठाते। सदन के अंदर चर्चा के जरिए कई विषयों का समाधान निकाला जा सकता है। अब आंदोलन के जरिए मुद्दे उठाए जा रहे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन सदन में रहते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते तेजस्वी की जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अगर कोई विषय जरूरी है और लोगों के अधिकारी या न्याय से जुड़ है तो उसकी आवाज उठानी चाहिए। वहीं, चीनी की बढ़ती कीमत पर कहा कि चीनी का उत्पादन कम हुआ है। सरकार में इस मुद्दे पर चर्चा हो रही कि कैसे कीमत को नियंत्रित किया जाए। ‘मानसून सत्र को बारिश करने की कोशिश हुई’ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस और विपक्ष के धरना-प्रदर्शन को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि धरना-प्रदर्शन करना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार इन आंदोलनों का इस्तेमाल दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कांग्रेस पर वंदे मातरम के मुद्दे को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि लंबे समय बाद एक बार फिर उसी विषय को उठाया जा रहा है। चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व आज वंदे मातरम के मुद्दे को लेकर सवालों से घिरा हुआ है। इसी विषय को लेकर संसद का पूरा मानसून सत्र बाधित करने का प्रयास किया गया। अब लंबे समय के बाद फिर उसी मुद्दे को उठाया जा रहा है। किसी एक विषय को इतना लंबा खींचना उचित नहीं है कि सदन की कार्यवाही और देश के जरूरी मुद्दे पीछे छूट जाएं। आरक्षण के मुद्दे पर बोले- भ्रम से आक्रोश पैदा हो सकता है दिल्ली में आरक्षण को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन और कई लोगों की गिरफ्तारी पर भी चिराग पासवान ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आरक्षण बेहद संवेदनशील विषय है। इस मुद्दे को लेकर किसी भी तरह का भ्रम देश की बड़ी आबादी के बीच संशय और आक्रोश पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आरक्षण के मुद्दे को लेकर अनशन और आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें सरकार के सामने अपनी बातें स्पष्ट तरीके से रखनी चाहिए। सरकार भी उनके साथ संवाद कर अपना पक्ष रख सकती है। उन्होंने संवाद के जरिए समस्या का समाधान निकालने पर जोर दिया।
‘आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण पहले से दिया गया है’ चिराग पासवान ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान सरकार पहले ही कर चुकी है। आरक्षण जैसे विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्षों के बीच संवाद होना चाहिए, ताकि किसी तरह का भ्रम पैदा न हो और लोगों की चिंताओं का समाधान किया जा सके।

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