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रामगढ़ जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगल और ग्रामीण इलाकों तक सीमित रहने वाला हाथियों का झुंड अब रिहाइशी क्षेत्रों में भी पहुंचने लगा है। गुरुवार देर रात करीब 44 हाथियों के झुंड का एक हिस्सा सीसीएल रजरप्पा प्रोजेक्ट की आवासीय कॉलोनी के स्टेडियम के आसपास पहुंच गया। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों में दुबके रहे और हाथियों के वापस जंगल की ओर लौटने का इंतजार करते रहे। पिछले नौ दिनों में हाथियों के कुचलने से तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार सुबह रामगढ़ थाना क्षेत्र के गोबरदाहा के पास हाथियों की चपेट में आने से बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत महुआटांड़ थाना क्षेत्र के बड़कीपुनू निवासी जसवंत कुमार मेहता (40) की मौत हो गई। वहीं, 13 अगस्त को गोला में बालो देवी नामक महिला की मौत हाथी के हमले में हो गई। 17 अगस्त को बड़कीपोना गांव में धानो देवी और सबीना खातून की हाथियों के हमले में मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने हाथियों से सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। गांवों में फसल रौंदी, पंचायत सचिवालय में तोड़फोड़ की हाथियों के झुंड ने मारंगमरचा और तेबरदाग गांव में पिंटू महतो, अनीता देवी, संजय महतो समेत कई किसानों की फसलों को रौंद दिया। किसानों ने बताया कि तैयार फसल कुछ ही देर में बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। भुचूंगडीह पंचायत सचिवालय परिसर में हाथियों ने सीसीटीवी कैमरा, डस्टबीन और फूलों के गमले क्षतिग्रस्त कर दिए।
