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जिले में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने तथा पुलिस कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना एवं ओपी प्रभारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की जा रही है। इसी क्रम में 21 अगस्त को पुलिस अधीक
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बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने लंबित कांडों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अनुसंधान में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का अधिक से अधिक उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कांडों का 60/90 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। चोरी समेत अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित गश्ती, रात्रि चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच तथा ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने मालखाना निष्पादन तथा लावारिस एवं जब्त वाहनों के मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
लंबित केस डायरी को सीपीएमएस पर अपलोड करने, स्थायी वारंटों के निष्पादन तथा न्यायालय से संबंधित मामलों में तत्परता बरतने को कहा गया।
चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सीईआईआर पोर्टल का प्रभावी इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया। बैठक में ‘मोर पुलिस मोय पुलिस’ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
इसके तहत मानव तस्करी, साइबर अपराध, डायन प्रथा, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा सर्पदंश से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक ने सीसीए एवं निगरानी प्रस्तावों की नियमित समीक्षा करने, आदतन अपराधियों पर लगातार नजर रखने, इंटरोगेशन रिपोर्ट तैयार करने तथा पुलिस के सूचना तंत्र को और मजबूत बनाने का भी निर्देश दिया।
