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उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने कुडू अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में चल रहे प्रशासनिक और राजस्व कार्यों की समीक्षा की। विभिन्न पंजियों और अभिलेखों की स्थिति देखी। उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं। आम नागरिकों से जुड़े मामलों का निष्पादन तय समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने स्वीकृत और कार्यरत कर्मियों की संख्या, उपस्थिति और दायित्वों के निर्वहन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आगत-निर्गत पंजी, अनुक्रमणिका, कर्म पुस्तिका, कार्य तालिका, दैनिक उपस्थिति, आकस्मिक अवकाश, सेवा पुस्तिका और अन्य सेवा संबंधी रजिस्टरों का अवलोकन किया गया। कार्यालय में तैनात चौकीदारों की संख्या और उनके कार्यों की भी समीक्षा हुई। राजस्व कार्यों में पेंशन और उपादान पंजी, सैरात पंजी, नामांतरण पंजी, भूमि सीमांकन पंजी, ऑनलाइन पंजी-2 की प्रविष्टि और सुधार पंजी की जांच की गई। उपायुक्त ने नामांतरण, सीमांकन और ऑनलाइन राजस्व मामलों में लंबित प्रकरणों को नियमों के अनुसार तय समय में निपटाने को कहा। जाति, आय और आवासीय प्रमाण-पत्र से जुड़े आवेदनों और पंजियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि प्रमाण-पत्र मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। पात्र आवेदकों को प्रक्रिया के अनुसार समय पर प्रमाण-पत्र दिए जाएं। उन्होंने लगान वसूली, प्राकृतिक आपदा, रोकड़, स्थापना, अंकेक्षण और खतियान/अवशेष सहित अन्य अभिलेखों की स्थिति भी देखी। पारदर्शिता, शुद्धता और अद्यतन प्रविष्टियों पर जोर दिया। निरीक्षण के समय अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी-सह-प्रभारी पदाधिकारी कुडू अंगार नाथ स्वर्णकार और अंचल अधिकारी संतोष उरांव मौजूद थे।
