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झारखंड में 27 अगस्त तक बारिश का दौर:6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 km/h रहेगी हवा की रफ्तार, वज्रपात का भी खतरा


झारखंड में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने 24 से 27 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। 24 अगस्त यानी आज उत्तर-पश्चिमी भाग के पलामू, गढ़वा और लातेहार, दक्षिण-पश्चिमी भाग के गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम तथा निकटवर्ती मध्य भाग के लोहरदगा और खूंटी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान मौसम खराब होने पर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर खुले स्थानों और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। कल गुमला-सिमडेगा समेत इन इलाकों में जोरदार बारिश 25 अगस्त को भी दक्षिण-पश्चिमी झारखंड के जिलों में बारिश का असर बना रहेगा। गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के साथ निकटवर्ती मध्य भाग के खूंटी में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं 26 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में फिर से गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दिन उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और निकटवर्ती मध्य भाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, लोहरदगा और खूंटी में मौसम विशेष रूप से सक्रिय रह सकता है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। रांची समेत मध्य झारखंड में भारी बारिश 27 अगस्त को बारिश का प्रभाव झारखंड के मध्य और आसपास के इलाकों में बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा और धनबाद में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा निकटवर्ती उत्तर-पश्चिमी भाग के चतरा और उत्तर-पूर्वी भाग के गिरिडीह में भी भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम के अचानक बदलने पर सतर्क रहने की जरूरत होगी। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में रहने से बचना सुरक्षित रहेगा। बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम मौसम में बदलाव की बड़ी वजह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र है। यह लो-प्रेशर एरिया रविवार को सुबह 8:30 बजे भी उसी क्षेत्र में सक्रिय था। मौसम विभाग के अनुसार इसके अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और उससे सटे गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के ऊपर से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इससे जुड़ा चक्रवाती रचना समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। इसी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

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