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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने रविवार देर रात सीतामढ़ी सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईसीयू, एसएनसीयू और इमरजेंसी सहित विभिन्न वार्डों की व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से नदारद पाए गए, जिसके बाद मंत्री ने करीब 6 डॉक्टरों और इतने ही अन्य कर्मियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। मंत्री निशांत कुमार ने ICU में तैनात एक महिला डॉक्टर के अनुपस्थित पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। स्वास्थ्य मंत्री के इंस्पेक्शन से जुड़ी तस्वीरें….. हॉस्पिटल परिसर में जलजमाव की समस्या उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं और इलाज की व्यवस्था की जानकारी ली। मरीजों ने लापरवाही और अव्यवस्था की शिकायत करते हुए बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की उचित व्यवस्था नहीं है। बिजली गुल होने पर वार्डों में अंधेरा छा जाता है, और हल्की बारिश के बाद परिसर में जलजमाव की समस्या भी आम है। निरीक्षण के दौरान मरीजों के बेड और चादरें गंदी पाए जाने पर मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इंस्पेक्शन में अस्पताल की कई खामियां उजागर उन्होंने अस्पताल परिसर में गंदगी, मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किए जाने और आवश्यकता पड़ने पर स्ट्रेचर उपलब्ध न होने जैसी शिकायतों पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले एक सप्ताह में सदर अस्पताल से रेफर किए गए सभी मरीजों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। इस सूची में मरीज को रेफर करने का कारण और संबंधित चिकित्सक का नाम भी दर्ज होना चाहिए। यह रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि निरीक्षण में अस्पताल में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी शिकायतों की जांच कर व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निशांत कुमार के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद प्रमुख कार्रवाई 1. पूरे बिहार के लिए — स्वास्थ्य व्यवस्था पर 11 निर्देश 2. पूरे बिहार के सदर अस्पताल में रेफरल कम करने की पहल निशांत कुमार ने जिलों के सदर अस्पतालों को मजबूत करने और छोटे ऑपरेशन वहीं कराने पर जोर दिया। हर्निया, गॉल ब्लैडर और स्टोन जैसे मामलों के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से पटना रेफर नहीं करने की बात कही। 3. पटना PMCH — औचक निरीक्षण और प्रशासनिक कार्रवाई 23 जून को PMCH के औचक निरीक्षण में प्राचार्य अनुपस्थित मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई और बाद में प्राचार्य को अतिरिक्त प्रभार से हटाने की कार्रवाई हुई। अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश भी दिए गए। 4. PMCH — डॉक्टर के खिलाफ तबादले की कार्रवाई सर्जरी विभाग के डॉक्टर डॉ. सरफराज आलम के खिलाफ शिकायतों की जांच के बाद उनका मुजफ्फरपुर तबादला किया गया। रिपोर्टों के अनुसार शिकायतों में परीक्षा के दौरान हंगामा और महिला डॉक्टर से अभद्र व्यवहार जैसे आरोप शामिल थे। 5. पटना LNJP अस्पताल — औचक निरीक्षण 7 जुलाई को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल का निरीक्षण किया। वार्ड, OPD, पैथोलॉजी समेत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एक डॉक्टर के ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। 6. LNJP — मरीजों की शिकायतें सीधे सुनीं निरीक्षण के दौरान मरीजों ने बाहर से जांच कराने और डॉक्टरों से जुड़ी शिकायतें बताईं। मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। 7. मुजफ्फरपुर — निजी अस्पताल अग्निकांड पर जांच प्रसाद अस्पताल अग्निकांड के बाद मामले की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की बात कही। घायलों के इलाज और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए अस्पतालों का फायर ऑडिट कराने की बात कही। 8. पटना IGIMS — 5 नई स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत 6 अगस्त को IGIMS में कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें मॉड्यूलर OT कॉम्प्लेक्स, क्रिटिकल केयर मेडिसिन ICU, CCTV कंट्रोल रूम/कमांड सेंटर और नई डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। HIV, हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C संक्रमित मरीजों के लिए समर्पित डायलिसिस सुविधा भी शुरू की गई। 9. IGIMS — मरीजों की शिकायतों पर मौके पर निर्देश नई सुविधाओं के उद्घाटन के दौरान मरीजों और परिजनों ने इलाज, दवा, बेड और लंबी कतारों से जुड़ी शिकायतें कीं। निशांत कुमार ने शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। 10. डेंगू-चिकनगुनिया — राज्यस्तरीय समीक्षा जुलाई में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। फॉगिंग, मच्छर नियंत्रण, जांच, दवा की उपलब्धता, अस्पतालों की तैयारी और जागरूकता अभियान की समीक्षा की गई। 11. बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को PPP मॉडल से विस्तार निशांत कुमार ने केंद्र के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा के बाद बताया कि बिहार में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को PPP मॉडल पर विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। इसे स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जोड़ा गया है। 12. अनावश्यक रेफरल रोकने की नीति सरकार ने 15 अगस्त 2026 से अनुमंडलीय और जिला अस्पतालों से मेडिकल कॉलेज/उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में अनावश्यक रेफरल रोकने की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। यह नीति स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की मौजूदगी वाली उच्चस्तरीय समीक्षा में सामने आई।
