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वायु प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा की दिशा में पटना नगर निगम के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में नगर निगम के वार्ड संख्या-9 ने देशभर के करीब 7,500 वार्डों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष चयनित वार्डों में जगह बनाई है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से देश के 130 शहरों के वार्डों का स्वच्छ वायु और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है। पटना से तीन वार्डों की अनुशंसा सर्वेक्षण के तहत पटना नगर निगम ने पहली श्रेणी में वार्ड-43 और दूसरी श्रेणी में वार्ड-9 व वार्ड-34 का चयन कर प्रमाण सहित सेल्फ-असेसमेंट रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की थी। इनमें वार्ड-9 ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेणी के चयनित वार्डों में स्थान बनाया है। 27 वार्डों का होगा फील्ड वेरिफिकेशन सर्वेक्षण के अगले चरण में तीनों श्रेणियों से 9-9 शहरों का चयन किया गया है। अब विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम चयनित कुल 27 वार्डों का मौके पर जाकर सत्यापन करेगी। इस दौरान ठोस कचरा प्रबंधन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित क्षेत्र, वायु प्रदूषण नियंत्रण और जन-जागरूकता अभियानों समेत विभिन्न मानकों पर प्रदर्शन जांचा जाएगा। फील्ड वेरिफिकेशन के बाद प्रत्येक श्रेणी से तीन-तीन बेहतर वार्ड चुने जाएंगे। इनके आधार पर राष्ट्रीय स्तर की अंतिम रैंकिंग जारी होगी। जनभागीदारी से ही स्वच्छ हवा का लक्ष्य नगर निगम ने स्वच्छ हवा के लिए नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कचरा नहीं जलाने, छोटी दूरी के लिए अनावश्यक वाहन इस्तेमाल से बचने, वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच कराने और विशेष अवसरों पर पौधारोपण करने की अपील की गई है। आबादी के आधार पर वार्डों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। प्रथम श्रेणी: 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्ड द्वितीय श्रेणी: 10 हजार से 30 हजार तक आबादी वाले वार्ड तृतीय श्रेणी: 10 हजार तक आबादी वाले वार्ड
