Thursday, August 27, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

पलामू में पुल के अभाव में अस्पताल नहीं पहुंचा मरीज:उफनाए नाले ने रोका मरीज का रास्ता, विधायक बोले- पुल के लिए पर्याप्त फंड नहीं


लगातार हो रही बारिश की वजह से पलामू जिले के घासीदाग पंचायत की दो बस्तियां जानकीनगर और हथगड़वा टापू में तब्दील हो गई हैं। पहाड़ी नालों और धूरिया नदी में उफान के कारण करीब सौ घरों की आबादी का मुख्यालय से संपर्क लगभग कट गया है। नदी में 10 से 15 फीट तक पानी भर गया है। तेज बहाव के कारण लोगों का आवागमन बंद है। धूरिया नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। रोजमर्रा के सामान लाने से लेकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक के लिए ग्रामीणों को जान जोखिम में डालना पड़ रहा है। पुल के अभाव में अस्पताल नहीं पहुंचा मरीज जानकीनगर निवासी अखिलेश राम का बेटा राकेश कुमार पिछले तीन दिनों से तेज बुखार से पीड़ित है। बुधवार को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे डोली-खटोली पर कंधे के सहारे नदी पार कराकर पांडू अस्पताल ले जाने के लिए निकले। लेकिन धूरिया नदी के बीच पहुंचते ही तेज बहाव और गहरे पानी ने उनका रास्ता रोक दिया। पानी की स्थिति को देखते हुए परिजनों को मजबूर होकर वापस लौटना पड़ा। अस्पताल नहीं पहुंचा पाने के कारण अब युवक का गांव में ही इलाज कराने को परिवार विवश है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में नदी पार करना हमेशा जानलेवा जोखिम बन जाता है। पुल नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिलना भी मुश्किल हो जाता है। पुल निर्माण के लिए फंड की कमी जिला परिषद सदस्य विजय रविदास ने धूरिया नदी पर पुलिया नहीं बनने के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि वर्षों से ग्रामीण इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका। वहीं विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि धूरिया नदी पर पुल निर्माण के लिए डीएमएफटी फंड पर्याप्त नहीं है। इसके लिए विभागीय फंड की व्यवस्था करनी होगी। इसमें समय लगेगा। उन्होंने लोगों की परेशानी दूर करने के लिए प्रयास करने की बात कही। सात किमी दूर मिलता है रोजमर्रा का सामान ग्रामीणों ने बताया कि सबसे नजदीकी बाजार और जरूरी सामान के लिए उन्हें करीब सात किलोमीटर दूर कजस्कला जाना पड़ता है। सामान्य दिनों में कच्चे रास्ते से वहां पहुंचकर राशन, दवा और अन्य जरूरी सामान लाते हैं, लेकिन बारिश के बाद नदी-नालों के उफान ने यह रास्ता भी बंद कर दिया है। ऐसे में करीब सौ घरों के लोगों के सामने राशन, दवा और इलाज तक का संकट खड़ा हो गया है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles