![]()
लोजपा(रा.) नेता सुरेंद्र विवेक उर्फ सुरेंद्र कुमार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। साहेबपुर विधानसभा क्षेत्र से भले ही तीन बार चुनाव लड़े और तीनों बार हार गए। लेकिन संगठन में समर्पण और राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण पकड़ के कारण बेगूसराय की राजनीति में एक नया इतिहास लिख दिया है। जिला से सुरेंद्र विवेक पहले ऐसे नेता हैं जो किसी बड़ी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। इस जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा है कि बिहार की नई जिम्मेदारी, नया संकल्प। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जमुई के सांसद अरुण भारती एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से अभार। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और संगठन के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं उस बिहार की धरती से आता हूं, जहां संघर्ष जीवन का हिस्सा है। अपने राजनीतिक एवं सामाजिक सफर में मैंने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। हर परिस्थिति ने मुझे कुछ सिखाया हैं। ‘युवाओं को संगठन से जोड़ेंगे’ सुरेंद्र विवेक ने आगे कहा कि लोजपा(रा.) के नेताओं और कार्यकर्ताओं का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा है। आज साहेबपुर कमाल की धरती से निकलकर पूरे बिहार की जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए भावुक क्षण है। अब हमारा लक्ष्य स्पष्ट है लोजपा(आर) के संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सम्मान देना और आगामी चुनाव में पार्टी को बड़ी ताकत के रूप में लाना। बिहार के प्रत्येक जिले, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाने के लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। युवाओं को संगठन से जोड़ना, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को नेतृत्व तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता होगी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दी बधाई प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी सुरेंद्र विवेक को बधाई दी है। दूसरी ओर बेगूसराय जिला प्रधान कार्यालय में जिलाध्यक्ष प्रेम कुमार पासवान नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खुशियां मनाई है। जिलाध्यक्ष प्रेम कुमार पासवान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सह राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को धन्यवाद एवं आभार। सुरेंद्र विवेक ने अपने कार्य के प्रति निष्ठा, समर्पण और अथक परिश्रम मेहनत के बल पर पार्टी में पहचान बनाई। साहेबपुर कमाल विधानसभा से निकलकर अपनी काबिलियत, आत्मविश्वास और संघर्ष के बूते उन्होंने जिस मुकाम को हासिल किया है। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि फर्श से अर्श तक का सफर तय करने के बावजूद उनके पांव आज भी जमीन पर हैं। पत्रकारिता से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर बलिया प्रखंड क्षेत्र स्थित बरियारपुर गांव के रहने वाले सुरेंद्र विवेक ने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत पत्रकारिता से की। शिक्षक केदार सिंह की दो पुत्रों में बड़े सुरेंद्र विवेक उर्फ सुरेंद्र कुमार ने अच्छे नंबर से मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग की डिग्री ली। लेकिन इंजीनियरिंग को अपना स्थाई पेशा नहीं बनाया। पिताजी शिक्षक थे, गांव में जमीन कोई खास नहीं थी। लेकिन सुरेंद्र विवेक बचपन से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लेने के साथ-साथ लगातार संघर्ष किया। बदरपुर गांव की रहने वाली सुनीता नाम की लड़की से शादी हुई और पत्नी को डॉक्टर बनवाने के बाद बलिया बाजार में ही प्रशांत नगर में महिलाओं के लिए स्पेशल अस्पताल खोला। उस समय महिला चिकित्सा की भारी कमी थी तो सुरेंद्र विवेक का यह अस्पताल काफी चल निकला। यहीं से उन्होंने व्यवसाय के क्षेत्र में नई राह पकड़ी। परिश्रम के बल पर लगातार प्रगति करने लगे तो सामाजिक जीवन में पांव रखा और इसकी शुरुआत उन्होंने पत्रकारिता से की। लंबे समय तक हिंदी दैनिक अखबार में पत्रकारिता करने के दौरान अच्छी लेखनी और नेतृत्व क्षमता रहने से जिला पत्रकार संघ के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। बाद के दिनों में जब व्यवसायिक व्यस्तता बढ़ी तो उन्होंने पत्रकारिता छोड़ी और व्यवसाय के साथ-साथ राजनीतिक जीवन में पहुंच गए। तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं 2015 में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। असफलता के बाद भी क्षेत्र के लोगों से जुड़े रहे। विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में लोगों को सहयोग करते रहे, उनसे मिलते-जुलते रहे। 2019 में इन्होंने रामविलास पासवान के समक्ष लोजपा की सदस्यता ग्रहण की और 2020 में साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। उसमें हार मिली, लेकिन विचलित नहीं हुए, लोगों के बीच बने रहे। पार्टी के समर्पित रहे तो इन्हें प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया। मुखर वक्ता, ईमानदार और स्वच्छ भी रहने के कारण चिराग पासवान के भरोसेमंद बने तो प्रदेश कोषाध्यक्ष और चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया गया। पार्टी जब विभाजित हुई तो उसमें भी यह चिराग पासवान के साथ रहे। चिराग पासवान ने भी काफी भरोसा जताया 2025 के विधानसभा चुनाव में साहेबपुर कमाल से एमडीए का टिकट लेने के लिए कई कद्दावर नेता कतार में लगे हुए थे। लेकिन यह सीट जब चिराग पासवान के हिस्से में गई तो उन्होंने सुरेंद्र विवेक को ही प्रत्याशी बनाया। अस्पताल के साथ-साथ होटल भी है सुरेंद्र विवेक को चुनाव में विजयश्री नहीं मिल सका। लेकिन स्वच्छ छवि, ईमानदार व्यक्तित्व और कर्मद स्वभाव के कारण अब चिराग पासवान ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे स्थानीय लोगों में ही काफी खुशी का माहौल है। लगातार मेहनत के दम पर सब कुछ हासिल करने वाले सुरेंद्र विवेक आज न केवल कुशल नेता, बल्कि बेगूसराय के सफल व्यवसायी में से एक माने जाते हैं। बलिया में उनका बड़े अस्पताल के साथ-साथ होटल-रेस्टोरेंट का कारोबार है। कई चल-अचल संपत्ति हासिल की। मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले सुरेंद्र विवेक के घर पहले भले ही बस साइकिल थी। लेकिन आज उनके पास स्कॉर्पियो और सेंट्रो कार तो है ही, सुरक्षा के लिए आधुनिक रिवाल्वर भी रखते हैं। सुरेंद्र विवेक के पास 22 करोड़ की प्रॉपर्टी गहना के प्रेमी सुरेंद्र विवेक के पास खुद का 200 ग्राम ज्वेलरी है। अगर कमाई की बात करें तो 2015 की तुलना में 2025 तक उनके संपत्ति में 6 गुना से अधिक की वृद्धि हुई। 20,15 के चुनाव में दायर किए गए शपथपत्र में उन्होंने अपनी अपनी संपत्ति साढे़े तीन करोड़ बताई थी, जो 2025 में बढ़कर 22 करोड़ से अधिक हो गया।
