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आज पटना नगर निगम में निगम पर्षद की 5वीं विशेष बैठक बुलाई गई है। ये बैठक मौर्या मंडपम में होगी। इस विशेष बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर अंतिम मुहर लगेगी। इसका डिटेल ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही शुल्क और संभावित राजस्व पर भी चर्चा होगी। शहर में पटना क्षेत्रिय विकास प्राधिकरण (पीआरडीए) की संपत्ति पूरी तरह से नगर निगम के अधीन है। 9 पॉश इलाकों की 432 एकड़ लीज संपत्ति होगी फ्री होल्ड निगम प्रशासन ने शहर के ऐसे 9 पॉश इलाकों में पटना सुधार न्यास और PRDA की संपत्तियों का आकलन किया है, जो करीब 432 एकड़ में फैली है। इन इलाकों में लोगों को फ्लैट, प्लॉट, दुकान और मकान आवंटित किए गए थे। अब यह संपत्ति नगर निगम के अधीन है। लेकिन अब तक इन्हें फ्री-होल्ड नहीं किया जा सका है, जिसके चलते लोगों को खासी परेशानी हो रही है। लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर बनी थी सहमति पिछले पटना नगर निगम की 12वीं साधारण बोर्ड बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी। राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णपुरी, पीआईटी कॉलोनी कंकड़बाग, बेउर, मौर्य लोक परिसर और ट्रांसपोर्ट नगर में निगम की लीज पर दी गई जमीन, भवन और फ्लैट को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसके लिए शुल्क और संभावित राजस्व का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा गया था। बैठक में लीज की प्रॉपर्टी के बारे में पूरी जानकारी संलेख में नहीं दिया गया था, जिसका पार्षदों ने विरोध किया था। तब जाकर फिर से इसके लिए विशेष बैठक बुलाई गई है। शुल्क 10 या 12%, इस पर होगी चर्चा बैठक में प्रॉपर्टी के हस्तांतरण या म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) शुल्क को लेकर चर्चा होगी। मूल आवंटी को वर्तमान सर्किल रेट (एमवीआर) का 10% और द्वितीय आवंटी को 12% शुल्क देकर मालिकाना हक देने की बात कही गई है। हाईकोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को निगम की 50% लाभांश की मांग को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया था। इसलिए इस बार शुल्क को कम रखा गया है। बोर्ड से पास होने के बाद इस प्रस्ताव को राज्य सरकार और कैबिनेट की हरी झंडी मिलने का इंतजार रहेगा। इसके बाद लीज धारकों को उनकी संपत्ति का असली मालिकाना हक मिल जाएगा। फ्री होल्ड होने से पटना के प्रमुख आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में दशकों से लीज की जमीनों पर रह रहे लोगों बड़ी राहत मिलेगी। 60 साल पहले आवंटन लीज पर किया गया था 60 साल पहले राजेंद्रनगर, श्रीकृष्णापुरी, पीआईटी कॉलोनी और बेउर जैसे इलाके में लोगों को भवन, फ्लैट और प्लॉट का आवंटन लीज पर किया गया था। वार्ड-38 के पार्षद डॉ. आशीष सिन्हा ने सवाल उठाया कि फ्री-होल्ड करने के लिए आखिरकार किस आधार पर मूल आवंटी को 10 प्रतिशत और प्रॉपर्टी बेचने या ट्रांसफर करने वालों को मात्र 12 प्रतिशत के शुल्क का निर्धारण किया गया है। निगम को 200 करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का अनुमान पिछले दिनों अदालती आदेशों के कारण नगर निगम को भारी मुकदमेबाजी का सामना करना पड़ रहा था और राजस्व की भारी क्षति हो रही थी। इसी को देखते हुए बिहार राज्य आवास बोर्ड और बियाडा की तर्ज पर पटना नगर निगम ने भी इन संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने का निर्णय लिया है। फ्री-होल्ड करने से निगम प्रशासन को कम से कम 150-200 करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का अनुमान है।
