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नेपाल में आई भीषण जल प्रलय के बाद मोतिहारी के तीन प्रवासी मजदूरों से पिछले तीन दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। 26 अगस्त को परिजनों से आखिरी बार बातचीत होने के बाद से तीनों के मोबाइल फोन बंद हैं। परिवार के सदस्यों ने जिला प्रशासन से तीनों की सकुशल तलाश कर घर वापस लाने की गुहार लगाई है। लापता मजदूरों की पहचान केसरिया प्रखंड के बिजधरी थाना क्षेत्र अंतर्गत जगीरहां वार्ड संख्या-9 निवासी रामबाबू साह, प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार के रूप में हुई है। ये तीनों नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली नदी के समीप स्थित एंड्रिट हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइड्रो प्लांट में कार्यरत थे। प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार सगे भाई हैं, जबकि रामबाबू साह उनके चचेरे भाई बताए गए हैं। तीनों पिछले लगभग 5 सालों से नेपाल में काम कर रहे थे। 26 अगस्त के बाद तीनों से नहीं हुई बात परिजनों ने बताया कि तीनों कुछ समय पहले छुट्टी पर अपने गांव आए थे। रामबाबू साह 10 जुलाई को नेपाल लौटे थे, जबकि प्रमोद प्रसाद 22 जुलाई और मुनील कुमार 15 अगस्त को अपने कार्यस्थल पर पहुंचे थे। 26 अगस्त को नेपाल में आई जल प्रलय के बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब सात बजे प्रमोद प्रसाद ने अपनी पत्नी वीणा देवी से लगभग सात मिनट तक मोबाइल पर बात की थी। यह उनकी आखिरी बातचीत थी। इसके बाद से उनका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। रामबाबू साह और मुनील कुमार के मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। मुनील कुमार के पिता कृष्ण प्रसाद साह ने बताया कि बेटों से कई दिनों से संपर्क नहीं होने के कारण पूरा परिवार चिंतित है। परिजनों का कहना है कि नेपाल में आई आपदा के बाद से कोई सूचना नहीं मिलने के कारण परिवार बेहद परेशान है। नेपाल प्रशासन से पता लगा की मांग की मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि तीनों मजदूरों की जानकारी जुटाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर उनकी स्थिति का पता लगाने तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इधर, गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से लगातार तीनों मजदूरों की सकुशल जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। सभी की निगाहें अब नेपाल प्रशासन और राहत एजेंसियों से मिलने वाली सूचना पर टिकी हैं, ताकि तीनों मजदूरों के सुरक्षित होने की खबर जल्द मिल सके।
मोतिहारी के 3 मजदूर नेपाल में लापता, परिवार चिंतित:जल प्रलय के बाद 26 अगस्त से संपर्क टूटा, प्रमोद ने पत्नी से आखिरी बार किया था बात

