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भागलपुर के सुल्तानगंज में श्रावणी मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र, यात्रा मार्ग, घाट, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पांच सूचना केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सही दिशा बताने के साथ-साथ बिछड़े लोगों को उनके परिजनों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार कृष्णगढ़ सूचना केंद्र से 202, नमामि गंगे घाट से 441, धांधी बेलारी से 268, सीढ़ी घाट से 154 और सुल्तानगंज प्रखंड परिसर स्थित सूचना केंद्र से 105 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया। कुल 1,170 बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाया। घाटों पर 24 घंटे निगरानी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की टीम लगातार मुस्तैद रही। गहरे और जोखिम वाले जलक्षेत्रों को चिह्नित कर डेंजर मार्किंग और बैरिकेडिंग की गई। श्रद्धालुओं को सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार जागरूक किया गया। प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ, प्रशिक्षित गोताखोर और आपदा मित्रों को लाइफ जैकेट एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ तैनात रखा गया। घाटों की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से नजर रखी गई। किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू टीम को सक्रिय करने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा गंगा के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी, मौसम संबंधी अलर्ट और तेज बारिश या आंधी-तूफान की स्थिति में श्रद्धालुओं को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश भी प्रसारित किए गए। वाहनों की जांच, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में परिवहन विभाग की टीम भी सक्रिय रही। विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने लगातार वाहनों की जांच की। इस दौरान ओवरलोडिंग, परमिट और फिटनेस की जांच के साथ सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा के लिए यातायात नियमों की जानकारी भी दी गई। जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय कर परिवहन विभाग ने भीड़ एवं यातायात प्रबंधन में सहयोग किया, ताकि मेला क्षेत्र में वाहनों के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। भारी भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ने के बावजूद यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी करती रही।
भागलपुर के सुल्तानगंज में श्रावणी मेला में प्रशासन की मुस्तैदी:कुल 1,170 बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाया, गंगा घाट पर डूबने से 1 भी मौत नहीं
