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बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) की ओर से चल रही शहरी विकास की परियोजनाओं में अब आधुनिक तकनीक पर विशेष जोर दिया जाएगा। बुडको प्रोजेक्ट की AI डैशबोर्ड से मॉनिटरिंग होगी। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज बुडको कार्यालय में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। मंत्री ने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। बैठक में विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। एमडी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना, नमामि गंगे और जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। लंबित योजनाओं के लिए जिला और परियोजना स्तर पर बनेगा प्लान मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में योजनाएं लंबित हैं, वहां जिला और परियोजना स्तर पर विस्तृत वर्क प्लान तैयार किया जाए। संबंधित एजेंसियों को काम पूरा करने की स्पष्ट समयसीमा तय करनी होगी। बुडको की टीम नियमित रूप से इसकी निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि काम तय योजना के अनुसार आगे बढ़े। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी नियमित समीक्षा करने और लंबित योजनाओं का तेजी से निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष में पूरी हों पाइपलाइन की योजनाएं नीतीश मिश्रा ने बुडको की पाइपलाइन में चल रही परियोजनाओं को मौजूदा वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय करने को कहा। उन्होंने टेंडर, कार्य आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में केवल काम पूरा करना पर्याप्त नहीं होगा। निर्धारित समय, निर्माण की गुणवत्ता और बेहतर फिनिशिंग—तीनों पर समान रूप से ध्यान देना होगा। निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट और बैरिकेडिंग अनिवार्य सभी निर्माण स्थलों पर कंस्ट्रक्शन प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साइट पर ग्रीन नेट, बैरिकेडिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा गया है। इसके लिए विशेष मॉनिटरिंग टीम गठित करने का भी निर्देश दिया गया। एआई डैशबोर्ड से रियल टाइम मॉनिटरिंग बुडको की परियोजनाओं की निगरानी में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। इंजीनियरों और संवेदकों के लिए ऑनलाइन सिस्टम को सरल और यूजर फ्रेंडली बनाने को कहा गया। एमआईएस और पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों को अपडेट रखने के साथ एआई आधारित डैशबोर्ड, इंजीनियरिंग रिपोर्ट, फाइल ट्रैकिंग और कॉन्ट्रैक्टर डेटाबेस को एकीकृत करने की योजना है। इससे परियोजनाओं की प्रगति की रियल टाइम निगरानी और समय पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। बेहतर काम करने वाले संवेदकों को मिलेगा प्रोत्साहन मंत्री ने कहा कि समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने वाले संवेदकों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाए। वहीं लगातार खराब प्रदर्शन या लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार डिबार की कार्रवाई की जाए। इंजीनियरों को दूसरे राज्यों की तकनीक सीखने का निर्देश बुडको के इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों के लिए प्रशिक्षण, एक्सपोजर लर्निंग और साइट विजिट को बढ़ावा देने को कहा गया। अधिकारियों को देश के अन्य हिस्सों में इस्तेमाल हो रही आधुनिक निर्माण तकनीकों और प्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें बिहार की परियोजनाओं में लागू करने का निर्देश दिया गया। पर्यटन परियोजनाओं पर भी विशेष फोकस मंत्री ने राज्य के पर्यटन स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। योजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति की जांच के लिए जरूरत के अनुसार जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी 38 जिलों में बुडको के जिला कार्यालयों को मजबूत करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा। नगर निकायों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर नगर निगमों और नगर परिषदों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आने वाली अड़चनों का जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बुडको की सभी परियोजनाओं को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता को केंद्र में रखकर काम किया जाए।
बुडको प्रोजेक्ट की AI डैशबोर्ड से होगी मॉनिटरिंग:लंबित योजनाओं का बनेगा वर्क प्लान; नीतीश मिश्रा बोले- टाइम, क्वालिटी और फिनिशिंग से समझौता नहीं

