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चतरा शहर के केशरी चौक पर बुधवार को कोर्ट के आदेश पर मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जिस मकान को खाली कराने के लिए पुलिस और सीओ की टीम पहुंची थी, उसमें स्वर्गीय नरेश कसेरा का परिवार रह रहा था। कार्रवाई शुरू होते ही परिवार और उनके समर्थकों ने विरोध और हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान मकान में रह रही स्वर्गीय नरेश कसेरा की पत्नी रीना देवी अचानक आग की लपटों में घिर गईं। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग किसी तरह आग बुझाने में जुट गए। महिला को बचाने के लिए एएसआई प्रवीण कुमार आगे बढ़े, लेकिन इस दौरान उनका हाथ झुलस गया और वर्दी भी जल गई। महिला को बचाने की कोशिश में उनका बेटा धीरज कुमार भी आग की चपेट में आकर झुलस गया। पुलिसकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। महिला 70 से 80% झुलसी, गंभीर हालत में रिम्स रेफर सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार रीना देवी करीब 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस गई हैं। उनकी हालत गंभीर बताई गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स के बर्न वार्ड रेफर कर दिया। वहीं आग बुझाने और महिला को बचाने के दौरान घायल हुए एएसआई प्रवीण कुमार और रीना देवी के बेटे धीरज कुमार का भी सदर अस्पताल में उपचार कराया गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। पेट्रोल छिड़कने के बाद माचिस जलते ही भड़की आग एएसआई प्रवीण कुमार के अनुसार, मकान खाली कराने की कार्रवाई का विरोध चल रहा था। इसी बीच करण यादव नाम का एक युवक अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि लोगों को डराने के इरादे से करण यादव ने एक डिब्बे से पेट्रोल छिड़कना शुरू कर दिया। पेट्रोल का छींटा स्वर्गीय नरेश कसेरा की पत्नी रीना देवी पर भी पड़ गया। पुलिसकर्मी करण को रोकने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति ने माचिस जला दी। माचिस जलते ही आग भड़क उठी और रीना देवी देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गईं। महिला को बचाने के प्रयास में एएसआई प्रवीण कुमार और उनके बेटे धीरज कुमार भी आग की चपेट में आ गए। 100 साल से मकान में रहने का परिवार का दावा जानकारी के मुताबिक मकान को लेकर स्वर्गीय नरेश कसेरा के परिवार और प्रदीप गोस्वामी (विजय अग्रवाल पक्ष) के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। कोर्ट का फैसला दूसरे पक्ष के हक में आने के बाद बुधवार को पुलिस और सीओ की टीम मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची थी। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कसेरा परिवार और उनके समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। परिवार का कहना था कि वे करीब 100 वर्षों से इस मकान में रह रहे हैं, इसलिए उन्हें हटाकर दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने की कार्रवाई स्वीकार नहीं है। इसी को लेकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हुए। सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना किसी साजिश का हिस्सा थी या विरोध-प्रदर्शन के दौरान अचानक हुआ हादसा, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। घटना के बाद शहर में तनाव और दहशत का माहौल है।
चतरा मकान खाली कराने के दौरान हंगामा:पुलिस के सामने महिला 80% झुलसी; बचाने में ASI और बेटा भी घायल
