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पश्चिमी सिंहभूम जिले में इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें अस्पतालों की तैयारियों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी शामिल हुए। डीसी ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों को सामान्य वार्डों से अलग ‘स्पेशल आइसोलेशन वार्ड’ तैयार रखने का आदेश दिया है। वार्डों में जीवनरक्षक दवाएं और जरूरी मेडिकल उपकरण की उपलब्धता जोर दिया। गंभीर मरीजों को बिना देरी बेहतर इलाज के लिए रेफर करने का समयबद्ध खाका तैयार किया गया है। संदिग्ध मरीजों की तुरंत पहचान, सैंपल कलेक्शन और प्रोटोकॉल के तहत रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम लोगों से फ्लू से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी है। सावधानी : छींकते या खांसते समय मुंह को रुमाल से ढकें और हाथ को बार-बार धोएं। लक्षण : बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएं। खुद से दवाइयां खाने से बचें। विशेष सावधानी बरतें। जिला प्रशासन की अपील : लक्षण दिखे तो खुद इलाज न करें ^H1N1 की रोकथाम या बच्चों के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मनीष कुमार, उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम।
पश्चिमी सिंहभूम में इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में हाई-लेवल की वर्चुअल बैठक, जिला प्रशासन सजग
