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बोकारो के सेक्टर-4 में गणेश मंडली की पूजा की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। इस साल पूजा पंडाल में धार्मिक आस्था के साथ देशभक्ति और आधुनिक तकनीक का खास मेल दिखेगा। दिल्ली के लाल किले की तरह बन रहे पंडाल में पहली बार प्रोजेक्टर मैपिंग से खास ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति होगी। यह श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजकों ने बताया कि प्रोजेक्टर मैपिंग शो में पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना के शौर्य से जुड़े प्रसंग दिखाए जाएंगे। पंडाल के बाहर होने वाली इस प्रस्तुति से लोगों को देश के वीर जवानों के साहस और बलिदान के बारे में बताया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि झारखंड में गणेश पूजा पर ऐसी प्रोजेक्टर मैपिंग पहली बार हो रही है। पांच लाख रुपए के गहने कोलकाता से मंगाए गए
इस बार गणपति बप्पा की करीब 20 फीट ऊंची मूर्ति बनाई जा रही है। इसे बनाने के लिए मुंबई से खास कारीगर बोकारो आए हैं। भगवान गणेश के लिए करीब पांच लाख रुपए के गहने कोलकाता से मंगाए गए हैं। पंडाल के साथ पूरे सिटी सेंटर इलाके को सुंदर लाइटों से सजाया जाएगा। शाम होते ही पूरा इलाका रोशनी से जगमगा उठेगा। गणेश मंडली के अध्यक्ष डब्बू सिंह ने बताया कि इस बार पूजा को सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके जरिए देशभक्ति का संदेश देने की कोशिश की गई है। प्रोजेक्टर मैपिंग से श्रद्धालुओं का मनोरंजन भी होगा और उन्हें भारतीय सेना के पराक्रम की जानकारी भी मिलेगी। पूजा के दौरान बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को देखते हुए खाने-पीने के स्टॉल पंडाल परिसर से करीब 500 मीटर दूर लगाए जाएंगे। इससे पूजा स्थल पर भीड़ कंट्रोल में रहेगी और आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी। 21 सितंबर को हवन के बाद होगा प्रतिमा विसर्जन
विसर्जन के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से साधुओं की टोली भी बोकारो पहुंचेगी। गणेश पूजा का आयोजन 14 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक होगा। 14 सितंबर को शाम छह बजे उद्घाटन, शाम सात बजे महाआरती और इसके बाद महाभोग वितरण किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह पूजा तथा शाम को महाआरती और महाभोग वितरण का कार्यक्रम रहेगा। 21 सितंबर को हवन के बाद गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। गणेश मंडली के अध्यक्ष डब्बू सिंह, महासचिव चंदन कुमार, उपाध्यक्ष राजकुमार और कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल गुप्ता समेत मंडली के सदस्य आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। विसर्जन को भी इस बार खास बनाने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से साधुओं की टोली विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होगी। पूजा के विभिन्न दिनों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और समाजसेवियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
बोकारो में लाल किले जैसा पंडाल, दिखेगा 'ऑपरेशन सिंदूर':गणेश चतुर्थी पर प्रोजेक्टर मैपिंग से सेना का दिखेगा शौर्य, 20 फीट ऊंची प्रतिमा होगी स्थापित

