Tuesday, September 8, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

पार्षद ने निजी खर्च कर प्रभावित हिस्से में कराई ढलाई, कहा-बच्चों को सुविधा जरूरी


बारिश शुरू होते ही आसंगी स्थित राजकीयकृत ओड़िया मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों की परेशानी बढ़ जाती थी। बारिश का पानी बाहर से विद्यालय परिसर में प्रवेश करता था। इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती थी। जलजमाव और कीचड़ के बीच विद्यालय पहुंचना, खासकर छोटे बच्चों के लिए, मुश्किल हो जाता था। समस्या की जानकारी मिलने के बाद आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 25 की पार्षद श्रीमती उत्तरा प्रधान ने पहल की। उन्होंने अपने निजी खर्च से विद्यालय के प्रभावित हिस्से में ढलाई का कार्य कराया। ढलाई होने के बाद बारिश के दौरान परिसर में पानी के प्रवेश की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। पार्षद की इस पहल से विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को तत्काल राहत मिलने की संभावना है। यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। फिर भी, बारिश के दौरान बच्चों को होने वाली परेशानी कम करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण स्थानीय पहल माना जा रहा है। पार्षद ने कहा कि विद्यालय और बच्चों से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। सीमित संसाधनों के बावजूद जनहित से जुड़े कार्यों को अपने स्तर पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलना जरूरी है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने भी पार्षद के प्रयास की सराहना की। उन्होंने उनके प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में बाहर का पानी विद्यालय परिसर में आने से बच्चों को काफी परेशानी होती थी। ढलाई कार्य से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे स्तर पर किया गया यह कार्य भले ही स्थायी जलनिकासी व्यवस्था का विकल्प नहीं है, लेकिन इससे विद्यार्थियों को तत्काल राहत मिलेगी। साथ ही, विद्यालय परिसर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था के लिए नगर निगम स्तर पर भी पहल की आवश्यकता है। आसंगी के राजकीयकृत ओड़िया मध्य विद्यालय में बारिश के दौरान पानी प्रवेश करने की समस्या केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं है। हर बारिश में बच्चों और शिक्षकों को इससे परेशानी होती है। प्रभावित हिस्से में पार्षद द्वारा निजी खर्च से कराई गई ढलाई से तत्काल राहत जरूर मिलेगी, लेकिन जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था के बिना समस्या पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद कम है। विद्यालय जैसे स्थान पर जलभराव केवल आवागमन की परेशानी नहीं है। यह बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण से भी जुड़ा विषय है। ऐसे में ढलाई के साथ यह भी जरूरी है कि बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव और निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाता है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles