Mangal-Guru Yuti 2026: ग्रहों के सेनापति मंगल 18 सितंबर को अपनी राशि में परिवर्तन करने वाले हैं। मंगल के गोचर करते ही उनकी देवगुरु बृहस्पति के सा युति बनेगी। जानें मंगल-गुरु किन राशियों को अच्छे परिणाम प्रदान करेंगे।
Mangal-Guru Yuti 2026: ग्रहों के सेनापति मंगल एक राशि में लगभग 45 दिन तक गोचर करते हैं। इस दौरान जब मंगल उस राशि में प्रवेश करते हैं जहां पहले से गुरु मौजूद हों, तो दोनों ग्रहों की युति बनती है या नजदीक आते हैं। 18 सितंबर 2026 को मंगल चंद्रमा की कर्क राशि में गोचर करने वाले हैं। जहां पहले से ही गुरु विराजमान हैं। इस तरह से कर्क राशि में मंगल-गुरु युति शुरू होगी जो कि करीब 45 दिन तक (अक्टूबर के अंत) रहेगी।
ज्योतिष गणना के अनुसार, जब कर्क राशि में गुरु और मंगल साथ आते हैं तो नीच भंग राजयोग बनता है। इसे गुरु-मंगल योग भी कहा जाता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि गुरु-मंगल का नजदीक आना या युति बनना एक अत्यंत प्रभावशाली घटना है। गुरु वैभव, संपदा और ऐश्वर्य के कारक हैं। जबकि मंगल थोड़ा आक्रामक ग्रह है जो कि साहस, पराक्रम, भूमि और रक्त का कारक है। कर्क राशि जल तत्व की राशि है। ऐसे में गुरु का संयम और मंगल का उत्साह जातक को सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। इस समय कुछ जातकों को धन की प्राप्ति होने के साथ करियर में बड़ी उपलब्धि मिलने की उम्मीद रहती है। जानें मंगल-गुरु की युति किन 6 राशियों को देगी लाभ।
मेष राशि के लिए मंगल-गुरु युति लाभकारी परिणाम प्रदान कर सकती है। इस समय आपके धन में वृद्धि के संकेत हैं। आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में आएंगी। नौकरी करने वाले कुछ जातकों को प्रमोशन के साथ आय में वृद्धि मिल सकती है। भाग्य का साथ मिलेगा। सहकर्मी आपकी मदद कर सकते हैं, जिससे किसी कार्य में सफलता मिल सकती है। परिवार में खुशियां बनी रहेंगी।
2. वृषभ राशि:
मंगल-गुरु की कर्क राशि में युति वृषभ राशि के लिए अच्छे संकेत दे रही है। इस समय आपके भाग्यवश अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। विरोधी या शत्रु परास्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपका साहस और पराक्रम रंग लाएगा। विद्यार्थियों के लिए समय अति उत्तम रहेगा। उच्चाधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे और तारीफ करेंगे। धन का आगमन होगा, जिससे बैंक-बैलेंस बढ़ सकता है।
सिंह राशि वालों के लिए यह समय अत्यंत शुभ कहा जा सकता है। गुरु-मंगल के पास होने से आपको मेहनत के अनुरूप परिणाम मिल सकता है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। आप सही और अच्छे निर्णय लेने में सफल रहेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धर्म-कर्म के कार्यों में मन लगेगा। अगर नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो यह समय अनुकूल रहने वाला है। व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी।
कन्या राशि वालों को गुरु-मंगल की युति से आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। इस समय आप करियर में नई उड़ान भर सकते हैं। नौकरी संबंधित दिक्कतें दूर हो सकती हैं। व्यापारी वर्ग बिजनेस को आगे बढ़ाने के अवसर देखेंगे और इनका फायदा भी उठाएंगे। इस समय आपके मन की कोई इच्छा पूरी हो सकती है। साहस और पराक्रम में वृद्धि का अनुभव करेंगे, जिससे कार्यों में सफलता हासिल होगी। भाग्य का साथ मिलने से अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे।
तुला राशि के लिए यह अनुकूल समय कहा जाएगा। आपके सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। इस समय अगर आपने किसी को उधार दिया है, तो धन की वापसी हो सकती है। करियर संबंधी परेशानी खत्म होगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। धन की स्थिति में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। आपकी मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है।
6. वृश्चिक राशि:
वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल-गुरु की युति शुभ परिणाम प्रदान कर सकती है। इस समय कार्यक्षेत्र में आपको मन मुताबिक परिणाम हासिल होंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। अपनों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक संपन्नता आएगी। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी के पूर्ण योग हैं। परिवार का सहयोग व्यापार में तरक्की दिला सकता है। किसी शुभ समाचार के मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

