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बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर, बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट

3 दन तक गरज-चमक के साथ वर्षा की चेतावनी

इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है. इस मौसमी प्रणाली के असर से पूरे पश्चिम बंगाल, विशेषकर दक्षिण बंगाल के जिलों में अगले 3 दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गयी है.

दक्षिण बंगाल में भारी बारिश, तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण बंगाल के लगभग सभी जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा और बिजली चमकने/वज्रपात की गतिविधियां जारी रहेंगी.

इन जिलों में भारी बारिश | Heavy Rain Alert

पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना जिलों में एक या दो स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश होने की संभावना है.

आंधी-तूफान और वज्रपात | Gusty Winds-Lightning Alert

9 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में बिजली गिरने (Lightning) और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलने का अलर्ट जारी किया गया है. विशेषकर पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिले में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

उत्तर बंगाल के चाय बागान क्षेत्रों का मौसम

उत्तर बंगाल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है. जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कूचबिहार और अलीपुरदुआर जिलों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी. जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.

उत्तर बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के कारण समुद्र में स्थिति बेहद खराब रहने की संभावना है. बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में 35 से 45 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 55 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं. इसकी वजह से समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं.

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने मछुआरों को 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर बंगाल की खाड़ी में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त सलाह दी है.

मौसम का संभावित प्रभाव और सुरक्षा संबंधी निर्देश

  • जलभराव और नुकसान : निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और खड़ी फसलों/बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
  • बिजली गिरने का खतरा : खुले मैदानों में वज्रपात का जोखिम अधिक रहेगा.
  • सुरक्षा उपाय : थंडरस्टॉर्म के दौरान पक्के और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों और कच्चे मकानों से दूर रहें.
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