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कटिहार सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव काम की जमीनी हकीकत देखने के लिए कई जगहों का दौरा किया। वे पूर्वी बारी नगर पंचायत, सीज टोला, हासिमपुर, दक्षिणी भंडारतल, बैंडंडा, हरिशपुर गांव, कांतनगर पंचायत और सुखासन पंचायत सहित कई क्षेत्रों में पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी परेशानी जानी। दौरे के दौरान बाढ़ पीड़ितों ने सांसद प्रतिनिधि को बताया कि उन्हें राहत सामग्री, प्लास्टिक और मवेशियों के लिए चारे की कमी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने यह भी बताया कि बाढ़ का पानी फैलने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है। सबसे बड़ी परेशानी मवेशियों के चारे को लेकर है। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन बाढ़ से पहले हर तरह की तैयारी पूरी होने का दावा करते हैं। लेकिन बाढ़ आने के बाद जमीनी स्तर पर स्थिति उन दावों से बिल्कुल अलग दिखती है। उन्होंने बताया कि कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी भी मवेशियों के लिए पूरा चारा नहीं मिल रहा है। वहीं पीड़ित परिवारों को प्लास्टिक सहित जरूरी राहत सामग्री भी कम पड़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से फोन पर बात की और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही मवेशियों के लिए पर्याप्त चारे का इंतजाम करने को भी कहा। सांसद प्रतिनिधि ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को सबसे पहले हल किया जाए। सुनील कुमार यादव ने कहा कि बाढ़ के इस मुश्किल समय में प्रशासन को सिर्फ कागजी तैयारी और दावों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राहत का असर बाढ़ पीड़ितों तक जमीन पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तेजी से काम करने की जरूरत है। दौरे के दौरान उन्होंने लोगों की दूसरी परेशानियां भी जानीं और भरोसा दिलाया कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों एवं सांसद तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए हरसंभव पहल की जाएगी। मौके पर अवधेश मंडल,मोहम्मद जहाँगीर आलम,सिमरनजीत सिंह,मोहम्मद मसकुर,
निरंजन पोद्दार,मोहम्मद मुर्तुजा,मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद मकबूल सहित कई कांग्रेस नेता एवं बुद्धिजीवी लोग भी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में चारे और प्लास्टिक की कमी:सांसद प्रतिनिधि ने जमीनी हकीकत देखी, बोले- प्रशासन के दावे पूरे नहीं हुए

