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कोडरमा समेत पूरे प्रदेश में हुई तेज बारिश से धान की फसल लगाने वाले किसान खुश हैं। वहीं, लगातार हुई इस बारिश ने सब्जी किसानों को मायूस कर दिया है। बीते दिनों हुई लगातार बारिश के बाद कई ऐसी सब्जियां हैं जो ज्यादा पानी जमा होने के कारण खराब होने लगी हैं। कोडरमा में खेती कर रहे किसान मनोज कुमार ने बताया कि लगातार बारिश से उनके खेतों में ज्यादा पानी जमा हो गया है। इसके कारण उनके खेतों में लगी सब्जियां, खासकर बेल वाली सब्जियां जो जमीन पर फैलती हैं, वे खराब हो रही हैं। बेलों के पत्ते जल रहे हैं और उनकी डंठल सड़ रही हैं। अदरक की फसल में बीमारी लगने का खतरा बढ़ा इस जलजमाव से सबसे ज्यादा लौकी, नेनुआ और करेला जैसी सब्जियों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा टमाटर, बैंगन, बींस, अदरक समेत अन्य सब्जियों की फसल को भी बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। टमाटर और बींस के फूल झड़ने लगे हैं, जबकि अदरक की फसल में ज्यादा नमी के कारण बीमारी लगने का खतरा बढ़ गया है। भिंडी, परवल और मिर्च जैसी सब्जियों पर भी इसका असर पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है। आने वाले दिनों में मटर और बींस की खेती शुरू करने की तैयारी कर रहे किसान खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं। तैयार सब्जियों को बाजार तक पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है। हालांकि, बारिश से फिलहाल धान की फसल को काफी फायदा हो रहा है। खेतों में काफी नमी होने से धान की फसल की बढ़ोतरी अच्छी हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह लगातार जारी रही तो खेतों में पानी जमा होने के कारण धान की फसल को भी नुकसान हो सकता है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। फंगस स्प्रे और पेस्टीसाइड से करें बचाव
इधर, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार रॉय ने कहा कि बेशक इस बारिश के कारण सब्जियों को खासा नुकसान पहुंचा है। जबकि धान की खेती को खासा लाभ हो रहा है। वहीं उन्होंने सब्जी की खेती कर रहे किसानों से संयम बनाकर रखने सहित सब्जियों का कैसे बचाव किया जा सके इसके उपाय बताए हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में हो रहे जलजमाव की निकासी की भी बेहतर व्यवस्था किसानों को करनी होगी, जिससे पौधों में होने वाली सड़न से बचा जा सके। नई सब्जियों और फूलों की नर्सरी तैयार करने वालों को विशेष सलाह
डॉ. रॉय ने बताया कि जो लोग रबी की फसल के लिए नर्सरी तैयार कर रहे हैं, वे उसके पहले वहां पर पॉलिथीन का घेरा बनाकर टनल नुमा एक शेड तैयार कर लें। इससे पौधों को नुकसान होने से बचाने के साथ-साथ फसल से अच्छा लाभ कमा सकते हैं।
झारखंड में लगातार बारिश से कहीं खुशी कहीं मायूसी:धान को फायदा, सब्जियों की फसल को भारी नुकसान; टमाटर-बींस के फूल झड़ने लगे
