![]()
मुंगेर में त्योहारों को लेकर घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में भी रौनक दिखने लगी है। सोमवार को जिले में चौथचंद पर्व, गणेश चतुर्थी और हरितालिका तीज मनाई जाएगी। इन त्योहारों से पहले रविवार को मुंगेर के अलग-अलग गंगा घाटों पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने तैनात किए थे गोताखोर सुबह से ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंच रहे थे। दोपहर तक यह सिलसिला जारी रहा। इस बार गंगा घाटों पर बाढ़ का पानी सीढ़ियों तक भरा हुआ था। इससे लोगों को गंगा स्नान करने में थोड़ी परेशानी हुई। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था। गंगा घाटों पर भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए गोताखोर तैनात किए थे। जहां पानी ज्यादा था, वहां जाल और बांस लगाकर घेरा गया था। ताकि लोग गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षित स्नान कर सकें। कष्टहरणी घाट पर नहीं आने की अपील गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा होने के कारण शहर के प्रमुख कष्टहरणी घाट को इस बार पूरी तरह बंद रखा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से इस घाट पर न आने की अपील की है। घाट के सभी मुख्य दरवाजों पर ताला लगा दिया गया है, क्योंकि यहां गंगा की धार बहुत तेज है।
गंगा घाटों पर स्नान करने भीड़, बाढ़ से परेशानी:मुंगेर में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, गोताखोर तैनात; कष्टहरणी घाट बंद
