धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र की ECL चापापुर कोलियरी में रविवार को कोयला सुरक्षा को लेकर CISF जवानों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच विवाद के बाद झड़प हो गई। ग्रामीणों ने CISF जवानों पर एक महिला से मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, CISF की
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इसी दौरान स्थानीय महिला खदान की तरफ गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि गश्त कर रहे जवानों ने महिला को रोक लिया और उस पर कोयला चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट में महिला घायल हो गई। घटना की जानकारी जैसे ही आसपास के ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे।
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धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र की ECL चापापुर कोलियरी में रविवार को कोयला सुरक्षा को लेकर CISF जवानों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच विवाद के बाद झड़प हो गई।

घटना की जानकारी जैसे ही आसपास के ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद वाहनों के शीशे तोड़ दिए।
महिला घायल हुई तो भड़के ग्रामीण, पूरी टीम को घेरा
महिला के साथ मारपीट की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने CISF की पूरी टीम को घेर लिया और जवानों को कुछ देर तक मौके पर ही रोके रखा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हल्की झड़प भी हुई। गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।
बताया गया कि CISF की टीम में महिला सुरक्षाकर्मी भी शामिल थीं। ग्रामीणों और CISF जवानों के आमने-सामने आने से खदान परिसर के आसपास तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण जमा रहे। घटना को लेकर विरोध जताते रहे।

ग्रामीणों और CISF जवानों के आमने-सामने आने से खदान परिसर के आसपास तनाव की स्थिति बन गई।
कोयला चोरी के नाम पर अक्सर होती है मारपीट
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोयला चोरी के नाम पर CISF जवानों द्वारा स्थानीय लोगों के साथ अक्सर मारपीट की जाती है। उनका कहना है कि सुरक्षा जांच के दौरान ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है। चापापुर की घटना को लेकर ग्रामीणों ने इस रवैये का विरोध किया और संबंधित जवानों पर कार्रवाई की मांग की।
उनका कहना था कि यदि महिला शौच के लिए खदान क्षेत्र की ओर गई थी तो उसके साथ मारपीट करने के बजाय मामले की जांच की जानी चाहिए थी। महिला से कथित मारपीट के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़क तक पहुंच गया।

ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच CISF की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
CISF का आधिकारिक बयान नहीं आया सामने
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जाम कर दिया और विरोध जताया। इससे इलाके में आवागमन भी प्रभावित हुआ। ग्रामीण दोषी जवानों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। घटना की सूचना के बाद इलाके में तनाव बना रहा और स्थिति पर नजर रखी गई। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच CISF की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
