मुजफ्फरपुर| एईएस की तैयारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू कर दी गई। हालांकि, 16 सीएचसी/ पीएचसी में मात्र 3 जगह ही शिशु रोग विशेषज्ञ हैं। बाकी जगहों पर समान्य चिकित्सा पदाधिकारी के भरोसे इलाज हो रहा है। ‘दैनिक भास्कर’ ने 22 फरवरी के अंक में ‘कैसे लड़ेंगे एईएस से… तीन सीएचसी छोड़ कर हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नहीं हैं शिश़ु रोग विशेषज्ञ’ हेडिंग से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने सीएस और डीपीएम से जबाब-तलब किया है। जिसमें दो दिनों के अंदर इसका जबाब मांगा गया है। बता दें कि एईएस के सबसे अधिक प्रकोप वाले क्षेत्र कांटी, मीनापुर, बोचहां, सकरा, मुशहरी और गायघाट में भी शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। सीएस डॉ. अजय कुमार ने बताया कि किस प्रखंड में िशशु रोग विशेषज्ञ नहीं है, इसकी जानकारी पूर्व में भी भेज दी गई थी।
एईएस… शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं रहने पर सीएस और डीपीएम से मांगा जवाब
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