Wednesday, September 16, 2026

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मशीन लगी है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं:पटना के न्यू गार्डिनर अस्पताल में 2 साल से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद, मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा


पटना के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा करीब दो साल से बंद है। यहां अल्ट्रासाउंड मशीन मौजूद है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जांच के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मजबूरी में निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर पेट दर्द की शिकायत वाले मरीजों और दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर आने वाली गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल में सुविधा बंद होने के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। रिपोर्ट लेकर उन्हें फिर अस्पताल लौटना होता है। इससे मरीजों का समय और अतिरिक्त पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। मशीन मौजूद, अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगा है ताला न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है, लेकिन विशेषज्ञ के अभाव में इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा है। बाहर एक नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच बंद होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल में पटना और आसपास के इलाकों से रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सरकारी अस्पताल में जांच की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को नोटिस देखकर वापस लौटना पड़ता है या निजी जांच केंद्र जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है। निजी केंद्र पर जांच कराने के बाद रिपोर्ट लेकर उन्हें दोबारा अस्पताल आना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि जब अस्पताल में मशीन पहले से मौजूद है तो जांच की सुविधा भी यहीं उपलब्ध होनी चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए बार-बार अस्पताल और निजी जांच केंद्र के बीच आना-जाना परेशानी भरा है। इसके अलावा बाहर जांच कराने पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। डॉक्टर लिखते हैं जांच, मरीजों को जाना पड़ता है बाहर अस्पताल में डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं। लेकिन सुविधा बंद होने के कारण मरीजों को निजी केंद्र में जांच करानी पड़ती है। इससे सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को एक ही जांच के लिए दो जगह जाना पड़ता है। मरीजों के लिए परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब उन्हें रिपोर्ट लेकर उसी दिन दोबारा डॉक्टर से परामर्श लेना होता है। अधिकारी बोले- विशेषज्ञ की तैनाती की प्रक्रिया चल रही अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि कुछ समय के लिए विशेषज्ञ मिलने के बाद अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू की गई थी। विशेषज्ञ के अस्पताल छोड़कर चले जाने के बाद सेवा फिर बंद हो गई।

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