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धनबाद के कतरास के छाताबाद में भू-धंसान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार को एक बार फिर इलाके में भू-धंसान हुआ। इसकी चपेट में सामुदायिक भवन का एक हिस्सा भी आ गया। भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और सामने की जमीन भी फट गई है। आसपास की जमीन में दरारें आने के बाद कई घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। घर का संकट खड़ा हो गया इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित जगह ढूंढ रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों की है, जो सात अगस्त की भू-धंसान की घटना के बाद इसी सामुदायिक भवन और उसके परिसर में अस्थायी रूप से रह रहे थे। अब सामुदायिक भवन के भी प्रभावित होने से उनके सामने फिर से घर का संकट खड़ा हो गया है। छाताबाद में इससे पहले सात जुलाई और सात अगस्त को भी भू-धंसान हो चुका है। सात अगस्त की घटना में दर्जनों घर गिर गए थे और कई परिवार प्रभावित हुए थे। स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग इसके बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर अल्पसंख्यक मंत्री हफीजुल हसन की मौजूदगी में बीसीसीएल, जिला प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच बातचीत हुई थी। इस बातचीत में प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मुआवजा देने पर सहमति बनी थी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक पुनर्वास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं से लोगों में डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल से प्रभावित परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाने और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।
छाताबाद में भू-धंसान, सामुदायिक भवन आया चपेट में:प्रभावित परिवारों की बढ़ी परेशानी, आसपास के घरों पर भी खतरा; दहशत में लोग
