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लातेहार जिले के बालूमाथ बाजार में धूल, जाम और सड़क दुर्घटनाओं से परेशान होकर स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को बाजार बंद रखा। उन्होंने अपनी दुकानें सुबह से ही बंद कर दीं। इसके बाद दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बिरसा मैदान, जोगियाडीह में एक बैठक की। इसमें समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा हुई। उन्होंने बालूमाथ बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाने और पहले की ‘नो एंट्री’ व्यवस्था को फिर से लागू करने का फैसला किया। ग्रामीण और दुकानदार अंचल कार्यालय पहुंचे और अंचल अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 24 सितंबर तक समस्या का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। दुकानदारों विवेक कुमार, देवानंद प्रसाद, प्रमोद कुमार, मनोहर प्रसाद और जितेंद्र कुमार सिंह समेत कई अन्य ने बताया कि बालूमाथ-मुरपा मार्ग पर भारी वाहनों और आम लोगों की आवाजाही से रोज धूल उड़ती है। इससे दुकानदारों और आम लोगों को बहुत दिक्कत होती है। लगातार दुर्घटनाओं के कारण जाम भी लगा रहता है। खासकर कोयला ढोने वाले ट्रकों के आने-जाने से यह समस्या और बढ़ गई है। दुकानदारों ने मांग की कि बालूमाथ में पहले वाली ‘नो एंट्री’ व्यवस्था फिर से लागू की जाए और एक बाइपास सड़क बनाई जाए। इससे बाजार में भारी वाहनों का दबाव कम होगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर 24 सितंबर तक कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो व्यापारी और स्थानीय लोग शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरकर विरोध मार्च करेंगे। बालूमाथ बंद रहने से बाहर से आने वाले लोगों को सामान नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें भी परेशानी हुई। विरोध प्रदर्शन में अजय कुमार, मनोज कुमार, शशिकांत गुप्ता, मोहम्मद तारीक, मजहर आलम, गौशाला, धीरज कुमार, धर्मेंद्र, अमित कुमार समेत 100 से ज्यादा दुकानदार और स्थानीय लोग शामिल थे।
धूल और जाम से परेशान दुकानदारों ने बाजार किया बंद:भारी वाहनों की नो एंट्री और बाइपास की मांग, 24 तक समाधान नहीं तो आंदोलन
