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पूर्णिया के भवानीपुर थाना क्षेत्र में 25 अगस्त को हुई मनिरुद्दीन उर्फ पूरन की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस हत्याकांड में साक्ष्य छिपाने के लिए पेड़ से शव को लटका दिया गया था, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले में हर एक बिंदुओं पर गहन जांच करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या भवानीपुर थाना के रौशनगंज स्थित मुख्य साजिशकर्ता के घर में की गई और शव को बी कोठी थाना क्षेत्र के सीमा से लगे देवरी गांव के बहियार में पेड़ से लटका दिया गया था। मामले को भटकाने के लिए गांव के लोगों के साथ जमीन विवाद का रूप देने का प्रयास किया गया था। मुख्य साजिशकर्ता की पहचान भवानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रौशनगंज के रहने वाले मृतक के समधी 45 साल के मो. इलियास के रूप में हुई है। इसके अलावा इलियास के परिवार के सदस्य रौशनगंज के ही रहने वाले 39 साल के खंजो शाह और अकबरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले 45 साल के रिश्तेदार रहमान के रूप में हुई है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अवैध संबंध के कारण हुई हत्या पूर्णिया एसएसपी डॉ. शौर्य कुमार सुमन ने बताया कि मनिरुद्दीन की हत्या अवैध संबंधों के कारण की गई थी। दरअसल, मनीरुद्दीन का अपनी समधन यानी मुख्य आरोपी की पत्नी से अवैध संबंध था। इसी को लेकर मुख्य आरोपी ने अपने एक नाबालिग बेटे और दो अन्य के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। खंगाले गए कॉल डिटेल्स, लोकेशन और साक्ष्य की कड़ी एसएसपी ने बताया कि धमदाहा के प्रभारी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने जांच के साथ-साथ तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। कॉल डिटेल, लोकेशन एवं संदिग्धों से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की गई, जिसमें 3 आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई। घर में की हत्या, लटकाया पेड़ से शव एसएसपी डॉ. शौर्य कुमार सुमन ने बताया कि मनिरुद्दीन की हत्या उस वक्त हुई जब मुख्य आरोपी ने उसे अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को देवरी गांव के बहियार ले जाकर पेड़ से लटका दिया था। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड को छिपाने और पुलिस जांच को भटकाने के उद्देश्य से आरोपियों ने वारदात को गांव के ही कुछ लोगों के साथ चल रहे जमीन विवाद से जोड़ने की कोशिश की थी और इस संबंध में पुलिस को आवेदन भी सौंपा था। एसएसपी बोले- आरोप और सबूत में मिलान नहीं, बदली जांच की दिशा हालांकि, जब पुलिस ने आवेदन में लगाए गए आरोपों का वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं तकनीकी आंकड़ों से मिलान किया, तो आरोपों में सच्चाई नहीं पाई गई। इसके बाद पुलिस ने अनुसंधान की दिशा बदली और मृतक के समधी मो. इलियास व उसके परिवार की मुख्य भूमिका सामने आ गई, साथ ही उसके परिजनों की संलिप्तता भी देखी गई। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को कानूनी दायरे में लाया जाएगा। शिकायतकर्ता खुद कार्यवाही का डाल रहा था दबाव एसएसपी डॉ शौर्य सुमन ने बताया कि इस हत्याकांड मामले में शिकायतकर्ता और मुख्य आरोपी लगातार पुलिस पर मामले की जांच करने का दबाव बना रहा था। पूर्णिया रेंज के आईजी से लगातार इंसाफ की गुहार लगा रहा था। पूर्णिया एसएसपी डॉ शौर्य सुमन ने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस के अनुसंधान में सबसे मजबूत कड़ी वो महिला रही जिसके इर्द गिर्द ये सारा हत्याकांड घूम रहा था। दरअसल मुख्य आरोपी इलियास की पत्नी ने अपने और मृतक के बीच के अवैध संबंध को स्वीकार करते हुए पुलिस के समक्ष 180 के दिए बयान में घटना को सिलसिलेवार ढंग से बताया। इसके अलावा न्यायालय में भी 183 के बयान में पुलिस को दिए गए बयान को दोहराते हुए बयान दिया। 25 अगस्त को हुई थी हत्या, दो दिन बाद पेड़ से लटकी मिली थी लाश पूर्णिया एसएसपी ने बताया कि 25 अगस्त को मनीरुद्दीन की हत्या हुई थी। शव 2 दिन बाद क्षत विक्षत हाल में देवरी गांव के बहियार में पेड़ से लटका हुआ मिला था। एसएसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाइपोइड बोन फ्रैक्चर और स्ट्रैंगुलेशन (गला घोंटना) की पुष्टि हुई। डॉक्टर होने के कारण इसका अनुभव एसएसपी को प्राप्त था और सीधे मामला हत्या से जुड़े होने की पुष्टि हो गई।
पूर्णिया- शख्स की हत्या मामले में समधी समेत 3 गिरफ्तार:आरोपी की पत्नी से था अवैध संबंध, हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया था
