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बिहार राज्य आशा संघ एटक की जिलास्तरीय बैठक बलिराम भवन के सभागार में मुन्ना कुमारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया गया। भुगतान में अनियमितता, कथित अवैध वसूली और आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर आशा कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की बात कही। 28 सितंबर को पटना में लोकभवन मार्च बैठक में 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित लोकभवन मार्च को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। संगठन की ओर से बेतिया से हजारों की संख्या में आशा कार्यकर्ताओं को पटना ले जाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हें लेकर अब आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने पटना मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। आधार कार्ड की जन्मतिथि से रिटायरमेंट का विरोध बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर सेवानिवृत्त किए जाने का भी विरोध किया गया। संगठन की मांग है कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत वैध प्रमाण-पत्र में दर्ज जन्मतिथि को मान्य किया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को आधार बनाकर सेवानिवृत्ति का निर्णय लेने से कई कार्यकर्ताओं के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। भुगतान में अनियमितता और कथित अवैध वसूली का मुद्दा उठा बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में कथित अनियमितता का मुद्दा भी उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भुगतान को लेकर उन्हें परेशानी होती है। इसके साथ ही कथित अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की गई। संगठन ने भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की मांग की। सेवा स्थायी करने समेत कई मांगें आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवा स्थायी करने की मांग दोहराई। इसके अलावा ड्रेस और मोबाइल रिचार्ज के लिए मिलने वाली राशि में की गई कटौती को वापस करने की मांग भी रखी गई। बैठक में कहा गया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनकी लंबित मांगों का विभागीय स्तर पर समाधान किया जाना चाहिए। CMO को समस्याओं से कराया जाएगा अवगत बैठक में निर्णय लिया गया कि आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं और मांगों से मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। संबंधित मांगों के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर पहल करने की मांग की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत के साथ आंदोलन भी जारी रहेगा। मांगों पर उचित पहल नहीं होने पर आंदोलन को आगे और व्यापक करने की बात कही गई। एटक नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित बैठक को एटक के बिहार डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति, कर्मचारी नेता फिरोज भारती, आशा नेत्री रंजना, वेनू, संजना, सुन्दरम् और मंजू पाण्डेय समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। बैठक में मौजूद आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। सभी ने 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित लोकभवन मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और इसे सफल बनाने का संकल्प लिया।
आशा कार्यकर्ताओं का 28 सितंबर को पटना कूच का ऐलान:भुगतान में अनियमितता और रिटायरमेंट के नियम का विरोध; सेवा स्थायी करने की मांग
