![]()
बांका में वज्रपात से होने वाली मौतों को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने एक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका मकसद ग्रामीण इलाकों के लोगों को वज्रपात से बचाव के प्रति जागरूक करना है। बांका समाहरणालय परिसर से जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने एलईडी वाले वज्रपात सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के सभी 11 प्रखंडों की 150 संवेदनशील पंचायतों में जाएगा। यहां यह लोगों को वज्रपात से बचने के तरीके बताएगा। वज्रपात से पहले की सावधानियां बताएगा इस मौके पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि वज्रपात एक प्राकृतिक आपदा है। इससे हर साल जान-माल का नुकसान होता है। ऐसी घटनाओं को कम करने के लिए ग्रामीण इलाकों में लोगों को समय पर सावधानी बरतने और सुरक्षित जगहों पर रहने की जानकारी देना जरूरी है। इसी मकसद से एलईडी सुरक्षा रथ के जरिए पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा रथ लोगों को वज्रपात से पहले की सावधानियां बताएगा। साथ ही, वज्रपात के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी देगा। मौसम से जुड़ी चेतावनियों के बारे में भी बताया जाएगा। गतिविधियों का रखा जाए सही रिकॉर्ड एलईडी स्क्रीन पर लोगों को आसान और असरदार तरीके से वज्रपात से बचाव के उपाय दिखाए जाएंगे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीण इलाकों में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान से जुड़ी गतिविधियों का सही रिकॉर्ड रखा जाए। जिला पदाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि वज्रपात के दौरान खास सावधानी बरतें। मौसम से जुड़ी चेतावनियों का पालन करें। वज्रपात होने पर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और दूसरी असुरक्षित जगहों पर जाने से बचें। जितना हो सके, सुरक्षित इमारत या जगह पर रहें।
DM ने वज्रपात सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाई:बांका में 150 संवेदनशील पंचायतों में लोगों को बताए जाएंगे बचाव के उपाय
