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थोक बाजार में गिरावट के साथ ही बड़ी रिटेल दुकानों ने गिराए भाव… त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। थोक मंडी में चीनी के दाम में भारी गिरावट दर्ज की गई है। थोक कारोबारी संजय माहूरी के अनुसार, 15-20 दिन पहले थोक बाजार में चीनी का भाव 64 रुपए प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जो अब 14 रुपए गिरकर 50-51 रुपए प्रति किलो पर आ गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने बाजार में आपूर्ति सुचारू करने के लिए मासिक कोटा 22.5 लाख टन से बढ़ाकर 26.5 लाख टन कर दिया है। साथ ही, निर्यात नीति में संशोधन से घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। हालांकि, इस गिरावट का पूरा फायदा खुदरा ग्राहकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। शहर की बड़ी दुकानों में तो चीनी ₹55-56 रुपए प्रति किलो बिक रही है (जो 20 दिन पहले 70-72 रुपए थी), लेकिन गली-मोहल्लों की छोटी दुकानों में अब भी यह 65 से 68 रुपए प्रति किलो तक बेची जा रही है। तीन मोहल्लों की 3 दुकानों से बातचीत
पुरानी रांची स्थित एचएन जनरल स्टोर
रिपोर्टर: भैया, चीनी क्या भाव बेच रहे हैं?
दुकानदार: 65 रुपए किलो।
रिपोर्टर: लेकिन दाम तो काफी घट गया है?
दुकानदार: थोक में ही महंगी चीनी मिल रही है, सस्ती कैसे बेचें। आपको गलत सूचना है कि थोक में चीनी सस्ती हो गई है।
रिपोर्टर: यानि अभी भी खरीद महंगी है?
दुकानदार:हां, थोक में महंगी ही मिल रही।
लोहरा कोचा स्थित मुकेश स्टोर
रिपोर्टर: भैया, चीनी कैसे दे रहे हैं?
दुकानदार: 70 रुपए किलो।
रिपोर्टर: लेकिन चीनी तो अब करीब 55 रुपए बिक रही है, फिर 70 क्यों?
दुकानदार: जहां सस्ती है, वहीं से लीजिए।
रिपोर्टर: थोक में अभी चीनी कितने रुपए किलो मिल रही है?
दुकानदार: जहां सस्ती मिले, वहां से ले।
कोकर में गली स्थित विनोद दुकान
रिपोर्टर: चीनी कितने रुपए किलो दे रहे हैं?
दुकानदार : 68 रुपए किलो।
रिपोर्टर: लेकिन पिछले दस दिनों में चीनी का भाव 55 के आसपास आ गया है।
दुकानदार : हमने चीनी पहले ही महंगी खरीदकर रखी है तो सस्ता कैसे बेचें।
रिपोर्टर: यानि बाजार में भाव कम हो गया, लेकिन आपका पुराना स्टॉक महंगा है, इसलिए अधिक रेट पर बेच रहे हैं?
दुकानदार: हां, 68 रु. से कम में नहीं होगा।
बातचीत की ऑडियो भास्कर के पास है… आगे क्या : कीमतें रह सकती हैं स्थिर
कारोबारियों के अनुसार, फिलहाल चीनी के भाव में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। पिछले कुछ दिनों से कीमतें स्थिर हैं। अगले महीने मिलों में नया उत्पादन शुरू होगा, लेकिन गन्ना उत्पादन में संभावित कमी के कारण आगे भी कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। प्रति किलो 25 प्रतिशत तक मुनाफा कमाना गलत है
आम तौर पर किराना सामान पर दुकानदार करीब 10 प्रतिशत तक ही मुनाफा लेते हैं और इससे अधिक मुनाफा नहीं लिया जाना चाहिए। चीनी की कीमत दस दिन पहले से कम हुई है। इसके बावजूद यदि बाजार में चीनी पर 25 प्रतिशत तक मुनाफा लिया जा रहा है, तो यह गलत है और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी के समान है। बाजार का सामान्य नियम है कि थोक में किसी खाद्य वस्तु की कीमत घटने पर खुदरा बाजार में भी एक-दो दिनों के भीतर उसका दाम कम हो जाता है। इसी तरह, थोक कीमत बढ़ने पर खुदरा कीमत भी एक-दो दिनों में बढ़ जाती है। यही बाजार की सामान्य प्रक्रिया है। थोक में चीनी 15-20 दिन पहले 65 रुपए तक बिकी थी, पर अब 50-51 रुपए पर आ गई है।
चीनी का थोक भाव 14 रुपए गिरकर 50 पर आया:पर मुहल्ले की दुकानों में अब भी 65 रुपए बिक रही
