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सहरसा जिले में बीते गुरुवार सुबह से शुरू हुई बारिश शुक्रवार शाम तक रुक-रुककर जारी रही। लगातार करीब 37 घंटे से हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार शाम 6 बजे तक जिले में 70.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा भी चल रही है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि 26 सितंबर को भी आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 27 सितंबर से मौसम में सुधार आने की उम्मीद है। इसके बाद आसमान से बादल हटने और मौसम के सामान्य होने की संभावना जताई गई है। मौसम को देखते हुए कटाई का काम करें उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर-दक्षिण द्रोणिका उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र से संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र से विस्तृत है। यह समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। इसी मौसमी गतिविधि के प्रभाव से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा की स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों की कटाई कर रहे किसान मौसम को देखते हुए कटाई का काम आवश्यकतानुसार करें। उचित भंडारण की व्यवस्था करने की सलाह कटी हुई फसलों को खेत या खुले आसमान में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों और खुले स्थानों में सुखाने के लिए रखी गई फसलों को बारिश से बचाते हुए उचित भंडारण की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वहीं, सब्जी वाली फसलों में फिलहाल सिंचाई करने से बचने को कहा गया है। वज्रपात से बचाव के लिए सावधानी जरूरी रामानंद पटेल ने वज्रपात के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे स्थान, जलस्रोत अथवा बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं रहें। सुरक्षित स्थान के रूप में घर के अंदर रहना बेहतर है। मोबाइल फोन और अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल भी वज्रपात के दौरान सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी गई है।
सहरसा में 37 घंटे से रुक-रुककर बारिश, 70.3 MM दर्ज:कल भी बारिश के आसार, 27 से मौसम सामान्य होने की संभावना
