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स्वच्छ सर्वेक्षण में देशभर में तीसरा स्थान हासिल करने वाले लखनऊ नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था को समझने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड की टीमों का लखनऊ दौरा किया। उत्तराखंड के अलग-अलग नगर निकायों से आए महापौर, पार्षदों और अधिकारियों के दल ने लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल से मुलाकात की। महापौर ने मेहमानों का स्वागत करते हुए लखनऊ में घर-घर से कूड़ा उठाने, उसे अलग करने, पुराने कचरे के निस्तारण और गंदे पानी के बेहतर प्रबंधन के तरीकों को साझा किया। दूसरी ओर, क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केन्द्र की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश और झारखंड के 30 अभियंताओं एवं अधिकारियों की टीम भी लखनऊ पहुंची। शिवरी प्लांट की तकनीक की तारीफ की भ्रमण के दौरान सभी टीमों ने शिवरी स्थित वेस्ट मैनेजमेंट एवं प्रोसेसिंग प्लांट और सीएंडडी वेस्ट प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां कचरे से उपयोगी सामान बनाने की प्रक्रिया को देखकर अधिकारी बेहद प्रभावित हुए। खासतौर पर नारियल के छिलकों से तैयार किए जा रहे उत्पादों और मकानों के मलबे को प्रोसेस करके बनाई जा रही नई चीजों की टीमों ने जमकर सराहना की। उत्तराखंड, झारखंड और यूपी के अधिकारियों ने कहा कि लखनऊ नगर निगम का यह वैज्ञानिक स्वच्छता मॉडल बेहद प्रेरणादायक है और वे इसे अपने-अपने शहरों में भी लागू करने का प्रयास करेंगे।
लखनऊ पहुंची उत्तराखंड और झारखंड की टीमें:स्वच्छता का मॉडल देखा, मेयर से मुलाकात की; शिवरी में सीखे कचरा प्रबंधन के गुर
