
कोलकाता : ईडी ने पूर्व राज्य मंत्री इंद्रनील सेन के घर पर छापा मारा. उनके कस्बा स्थित घर पर तलाशी अभियान जारी है. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, कस्बा-हाईलैंड पार्क समेत शहर के 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चल रहा है. शुरुआती रिपोर्टों में यह भी बताया जा रहा है कि मंत्री के करीबी एक व्यवसायी भी वहां मौजूद हैं. केंद्रीय बलों ने पूरे घर को घेर लिया है. सूत्रों के अनुसार, पूर्व राज्य मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी पर यूनेस्को के नाम का इस्तेमाल करके धन निकालने के आरोप लगे हैं.
शिकायत क्या है?
एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के सलाहकार जॉयदीप मुखर्जी ने आरोप लगाया है कि 2022 में अचानक एक संगठन का गठन हुआ. बताया जाता है कि इसकी अध्यक्ष इंद्रनील सेन की पत्नी मधुचंदा सेन हैं. संगठन का दावा है कि यूनेस्को ने उनके साथ साझेदारी की है और भागीदार बन गया है. साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि यूनेस्को ने 24 दुर्गा पूजा पंडालों का चयन किया है. लेकिन, यह पूरी तरह झूठ है. उनका दावा है कि यूनेस्को के नाम और लोगो का इस्तेमाल एक दुर्गा पूजा पंडाल पर किया गया है, जो पूरी तरह फर्जी है.
इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता जॉयदीप मुखर्जी ने कहा, “दुर्गा पूजा को यूनेस्को द्वारा मान्यता मिलने के बाद अचानक एक संगठन अस्तित्व में आ गया. मधुचंदा सेन इसके अध्यक्ष बने. उस समय इंद्रनील सेन मंत्री थे. मैंने इंद्रनील सेन, मधुचंदा सेन, ध्रुबज्योति बसु, सायंतन मित्रा और रंजन मित्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. उन्होंने अचानक कहा कि यूनेस्को उनकी कंपनी का साझेदार है. यूनेस्को ने कोलकाता में होने वाली 800 से 900 दुर्गा पूजाओं में से 24 का चयन किया है.
किसी भी संगठन के साथ कोई समझौता नहीं
जॉयदीप मुखर्जी ने कहा, "इन पूजाओं को देखने के लिए पहले चार दिनों के टिकट खरीदने पड़ते हैं. लेकिन ऐसा नहीं होता. दुर्गा पूजा के आयोजन स्थल, जैसे कि मैदान, मोहल्ले की गली… आम जनता के लिए हैं, तो फिर टिकट प्रणाली कैसे हो सकती है? मैंने यूनेस्को को पूरी बात बताई. उन्होंने मुझे 18 सितंबर, 2025 के एक पत्र में बताया कि उन्होंने किसी भी संगठन के साथ कोई समझौता नहीं किया है. उन्होंने 24 पंडालों का चयन भी नहीं किया है. फिर मैंने बौबाजार पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई "
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आरोप पूरी तरह निराधार
पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि शिकायत किसने की है. उन्होंने उसका नाम तक नहीं सुना था. उस समय इंद्रनील ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी पूजा में शामिल नहीं थे. आरोप पूरी तरह निराधार था. उन्होंने यह भी कहा, "मेरी पत्नी एक कलाकार और फोटोग्राफर हैं. वह कई संगठनों से जुड़ी हैं. अगर आप उस संगठन से संपर्क करेंगे, तो आपको सभी कागजात मिल जाएंगे. जरूरत पड़ने पर हम आने वाले दिनों में कानूनी कार्रवाई करेंगे." लेकिन, इससे पहले कि इंद्रनील कानूनी कार्रवाई कर पाते, ईडी उनके घर पहुंच गई.
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