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हजारीबाग के चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में 22 चक्का हाइवा की चपेट में आने से 45 वर्षीय मजदूर नरेश महतो उर्फ देवनाथ महतो की मौत हो गई। वह मांडू के बलसागरा के रहने वाले थे। प्लांट के इंगोट विभाग में काम करते थे। जानकारी के अनुसार, गर्म लोहे की गर्मी से बचने के लिए नरेश बाहर निकले थे। इसी दौरान हाइवा (JH-02-BM-9340) की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मुआवजे और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग को लेकर मजदूरों और परिजनों ने प्लांट में हंगामा किया। परिजनों ने मांग पूरी होने तक शव उठाने से भी इनकार कर दिया। चालक का नशे में होने का आरोप हादसे के बाद मजदूरों ने हाइवा चालक पर नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाया। हालांकि, अधिकारियों की ओर से चालक के नशे में होने की पुष्टि नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलने पर चरही थाना प्रभारी और चुरचू बीडीओ ललित राम मौके पर पहुंचे। स्थिति की जानकारी ली। मांडू विधायक तिवारी महतो और रामगढ़ विधायक ममता देवी समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि प्लांट में पहले भी हादसे होते रहे हैं। उनका आरोप है कि हादसे के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर मामला शांत कर दिया जाता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं किया जाता। सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से चिंतपूर्णी स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। देर रात मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक प्लांटों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और मजदूरों ने सुरक्षा मानकों को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
हजारीबाग के चिंतपूर्णी प्लांट में हादसा; मजदूर मरा:गर्म लोहे की गर्मी से बचने बाहर निकला था, हाइवा ने मारी टक्कर; परिजनों से मांगी नौकरी
