
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जायेगी. जिस दिन चुनाव की अधिसूचना जारी होगी, उसी दिन से केंद्रीय पर्यवेक्षक राज्य में मौजूद रहेंगे. हर विधानसभा क्षेत्र की निगरानी के लिए कम से कम एक पर्यवेक्षक को तैनात किया जायेगा. नामांकन प्रक्रिया पर भी केंद्रीय पर्यवेक्षक नजर रखेंगे.
1444 अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा चुनाव आयोग
पश्चिम बंगाल समेत सभी 5 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेश में इस प्रक्रिया को लागू किया जायेगा. निर्वाचन आयोग इसके लिए देश भर के 1,444 अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा है. चुनावों के पिछले अनुभवों के आधार पर निर्वाचन आयोग ने पाया है कि नामांकन के समय से ही बंगाल में कई जगहों से शिकायतें और अशांति की खबरें आने लगी थीं. नामांकन पत्र जबरन वापस लेने के साथ राजनीतिक हिंसा के भी आरोप लगते रहे हैं.
सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में तैनात होंगे पर्यवेक्षक
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में विपक्ष ने नामांकन के समय से ही कई शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दी थी. इस बार आयोग ने तय किया है कि अधिसूचना जारी होने के दिन से ही सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों को तैनात कर दिया जाये. पिछले कुछ दिनों से जिन 1,444 आईएएस, आईपीएस, आईआरएस सहित अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उन्हें बंगाल के साथ तमिलनाडु, केरल, असम व पुडुचेरी में तैनात किया जायेगा.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चुनाव प्रक्रिया खत्म होने तक रखेंगे कड़ी नजर
आईपीएस अधिकारियों को पुलिस पर्यवेक्षक बनाया जायेगा. आईएएस रैंक के अधिकारियों को सामान्य अधिकारी व आईआरएस अधिकारियों को वित्तीय मामलों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जायेगा. नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनाव खत्म होने तक अधिकारी कड़ी नजर रखेंगे.
इसे भी पढ़ें
विधानसभा चुनाव 2026: वोटिंग के दिन पुलिसकर्मियों की तैनाती का नियम बदला
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान पूरी करे राज्य पुलिस : चुनाव आयोग
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: सभी 294 सीटों पर एक ही चरण में हो सकती है वोटिंग
बंगाल चुनाव 2026: दीवाल पर भाजपा का चुनाव प्रचार शुरू, सुकांत मजूमदार ने की पेंटिंग




