Saturday, October 3, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

गंगा का जलस्तर बढ़ा,10 पंचायतों में घुसा पानी:खगड़िया-गोगरी के बोरना हाईस्कूल में पढ़ाई बंद ; 10 संवेदनशील स्थानों पर नाव तैनात


खगड़िया के गोगरी और परबत्ता प्रखंड में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। परबत्ता प्रखंड की करीब 10 पंचायतों के निचले इलाकों और कई वार्डों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नाव और गोताखोर तैनात कर निगरानी बढ़ा दी है। परबत्ता की माधवपुर, दरियापुर भेलवा, कबेला, तेमथा करारी और लगार पंचायत के कुछ वार्डों में पानी पहुंच चुका है। सौढ दक्षिणी और सौढ उत्तरी पंचायत के दो-दो वार्ड भी प्रभावित हैं। ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ मवेशियों के चारे और पेयजल की चिंता बढ़ गई है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बोरना हाईस्कूल परिसर में पानी, पढ़ाई बंद गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत स्थित प्लस टू हाईस्कूल परिसर में बाढ़ का पानी घुसने के बाद पढ़ाई बंद कर दी गई है। प्रधानाध्यापिका गुंजन कुमारी ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया। परबत्ता प्रखंड के भी कई स्कूलों में पानी भरने के कारण पठन-पाठन प्रभावित हुआ है। दो पंचायतों के चार वार्ड बाढ़ की चपेट में सौढ दक्षिणी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजेश कुमार मंडल ने बताया कि पंचायत के दो वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, सौढ उत्तरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उमेश कुमार सिंह ने भी दो वार्डों में पानी घुसने की जानकारी दी है। 10 जगहों पर नाव, गोताखोर भी तैनात परबत्ता के अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि फिलहाल 10 स्थानों पर नाव की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर अन्य प्रभावित इलाकों में भी नाव उपलब्ध कराई जाएगी। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर स्थानीय गोताखोरों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बोरना पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल ने बताया कि वार्ड संख्या 8 और 10 में ग्रामीणों के लिए दो सरकारी नावें चलाई जा रही हैं। इनसे लोग सुरक्षित स्थानों और बाजार तक पहुंच रहे हैं। चारा-पानी और राशन की सताने लगी चिंता जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों को आशंका है कि स्थिति बिगड़ने पर मवेशियों के चारे, पीने के साफ पानी और राशन की समस्या हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में नावों की संख्या बढ़ाने के साथ जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर नाव, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles