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हजारीबाग जिले में अब खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा। किसान जल्द ही ड्रोन से कीटनाशक और तरल उर्वरकों का छिड़काव करते दिखेंगे। जिला प्रशासन ने बरही, पदमा और इचाक प्रखंड के पांच स्थानों पर प्रायोगिक तौर पर ड्रोन से छिड़काव शुरू कराया है। परिणामों की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी यह प्रयोग कृषि विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोरिया कर्मा के सहयोग से हो रहा है। इसका मकसद ड्रोन से खेती की उत्पादकता, लागत और समय पर पड़ने वाले असर को जानना है। जिला कृषि पदाधिकारी शुभांकर गुप्ता ने बताया कि परिणामों की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर यह काम चल रहा है। किसानों का समय और श्रम बचेगा वरिष्ठ वैज्ञानिक पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, ड्रोन से एक एकड़ खेत में महज छह-सात मिनट में समान छिड़काव होगा, जिससे किसानों का समय और श्रम बचेगा। प्रशासन ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ेगा। युवाओं को अवसर मिलेंगे। जिले में चल रहा यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में हजारीबाग के कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकता है।
हजारीबाग में ड्रोन से खेतों में प्रायोगिक छिड़काव शुरू:तीन प्रखंडों के 5 स्थानों पर उत्पादकता जांचेंगे, महिलाओं-युवाओं को मिलेगा रोजगार
