लोहरदगा| लोहरदगा, आदिवासी समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने 03 अक्टूबर 2026 को स्थानीय परिसदन, लोहरदगा में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने एक शिक्षिका के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र एवं नियुक्ति से संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से अरविंद उरांव ने आरोप लगाया कि स्मिता दास, पिता क्रिस्टोफर दास, पति विशाल विनायक शीतल, निवासी ग्राम हातुदामी, थाना एवं जिला खूंटी, झारखंड, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय कर्रा, खूंटी में अनुसूचित जनजाति कोटे से स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक पद पर अंग्रेजी विषय में कार्यरत हैं। अरविंद उरांव ने कहा कि स्मिता दास के जाति प्रमाण पत्र को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ‘दास’ उपनाम/गोत्र झारखंड की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने संबंधित शिक्षिका के जाति प्रमाण पत्र सहित नियुक्ति से जुड़े सभी प्रमाण पत्रों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से आग्रह किया गया कि मामले की तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि प्रमाण पत्रों में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार, कानून सम्मत, ठोस विभागीय कार्रवाई की जाए। अरविंद उरांव ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के लिए निर्धारित आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों की जांच आवश्यक है।
