Jamui News: बिहार के जमुई स्थित सदर अस्पताल में महज चार घंटे के भीतर दो मरीजों की असमय मौत से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है. मृतका आस्था कुमारी और अनिता कुमारी की दर्दनाक मौत ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी है. घटना की भनक मिलते ही बिहार सरकार की उद्योग सह खेल मंत्री श्रेयसी सिंह खुद सदर अस्पताल पहुंचीं और जब परिजनों का करुण क्रंदन देखा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा.
मंत्री ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को जमकर फटकार लगाई और साफ कर दिया कि बेकसूर जिंदगियों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
'मरीज के परिजन रोते-बिलखते रहे, फिर भी क्यों नहीं आए डॉक्टर?' मंत्री श्रेयसी सिंह ने लगाई कड़ी फटकार
सदर अस्पताल परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मंत्री श्रेयसी सिंह सीधे इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टरों के कक्ष में पहुंचीं. परिजनों का गंभीर आरोप था कि जब आस्था कुमारी और अनिता कुमारी की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, तब वे बदहवास होकर डॉक्टरों को बुलाने के लिए बार-बार दौड़ते रहे, लेकिन घंटों तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने तक नहीं आया. इस अमानवीय लापरवाही पर मंत्री श्रेयसी सिंह बेहद कड़क लहजे में नजर आईं.
उन्होंने डॉक्टरों को याद दिलाया कि उन्हें मरीजों की सेवा और जान बचाने की पवित्र शपथ दिलाई जाती है. मंत्री ने कड़ा सवाल दागा कि जब पीड़ित परिजन लगातार मदद की गुहार लगा रहे थे, तो डॉक्टर समय पर क्यों नहीं पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य बात नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर जिम्मेदारी से भागने और घोर लापरवाही का मामला है.
स्वास्थ्य मंत्री और सीएम तक पहुंचेगा मामला: लापरवाही करने वालों पर गिरेगी गाज
अस्पताल में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और चिकित्सकों से एक-एक पल का ब्योरा लेते हुए मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि कल रात से लेकर सुबह तक घटी इन दोनों मौतों के जिम्मेदार लोगों की पहचान हर हाल में की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संज्ञान में लाई जाएगी.
मंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद अगर सदर अस्पताल में ऐसी हृदयविदारक स्थिति बनी हुई है, तो यह बेहद चिंताजनक विषय है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज में ढिलाई बरतने वाले हर एक कर्मी पर नकेल कसी जाए ताकि भविष्य में किसी और बेकसूर को अपनी जान न गंवानी पड़े.
डीएम श्री नवीन का बड़ा एक्शन: डीडीसी की अध्यक्षता में बनी 3 सदस्यीय हाई-लेवल जांच टीम
इस दोहरे दर्दनाक हादसे और मंत्री के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. जमुई के जिलाधिकारी श्री नवीन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है.
डीएम ने कहा कि औचक निरीक्षणों के बावजूद यदि इस तरह की स्थिति सामने आ रही है, तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने जांच टीम को निर्देश दिया है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की भूमिका, परिजनों की गुहार पर हुई कार्रवाई और इलाज के दौरान दी गई मेडिकल सुविधाओं की बिंदुवार जांच की जाए. डीएम ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे.
आस्था और अनिता के जाने से पसरा मातम: आम लोगों में गहरा आक्रोश और व्यवस्था पर सवाल
महज चार घंटे के भीतर आस्था कुमारी और अनिता कुमारी की मौत ने जमुई की आम जनता को गहरा सदमा दिया है. जिन परिवारों में कुछ घंटे पहले तक इलाज के बाद ठीक होकर घर लौटने की आस थी, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ है. इस दर्दनाक घटना ने पूरे जिले में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय के मुख्य अस्पताल का यह हाल है, तो दूर-दराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. लोगों की मांग है कि सिर्फ जांच का आश्वासन देने के बजाय दोषी डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो ताकि जमुई सदर अस्पताल में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को समय पर इलाज और जीवन रक्षा की गारंटी मिल सके.


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