झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन:21 एमवीआई की होगी नियुक्ति, चापाकल मरम्मती, सड़क-पूल निर्माण का उठा मामला

Date:


झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज छठा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने नगरपालिक सेवा में नियुक्ति के मामले को उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि जेपीएससी से नियुक्ति नगरपालिका कर्मचारी सरकार के कर्मी हैं या नगर पालिका के। वहीं उन्होंने नगरपालिका नियुक्ति नियमावली के मुद्दे को भी उठाया। इसके जवाब में मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि राज्य सरकार नियुक्ति नियमावली बना रही है। साथ ही यह स्पष्ट किया की। नियुक्त कर्मी नगरपालिका सेवा कैडर के कर्मचारी हैं। 21 मोटरयान निरीक्षक की होगी नियुक्ति सदन में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने मोटरयान निरीक्षक नियुक्ति को लेकर सवाल किया। जिसके जवाब में परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि सरकार ने 2023 में 46 पदों की अधियाचना की गई थी। अधियाचना के बाद हमने 40 मोटरयान निरीक्षक की नियुक्ति हमने की है। जिसमें तीन पहले से कार्यरत थे। 6 आउटसोर्स से लाए थे। वर्तमान में हमने 21 पद सृजित किए हैं। जिसपर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। पीडब्ल्यूडी निविदाओं में देरी पर सरकार सख्त विधानसभा में लोक निर्माण विभाग की लंबित निविदाओं का मुद्दा गरमाया रहा। विधायक हेमलाल मुर्मू और मथुरा महतो ने आरोप लगाया कि नियम के मुताबिक 180 दिनों के भीतर निविदाओं का निष्पादन होना चाहिए, लेकिन कई मामलों में एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जवाब में मंत्री ने स्वीकार किया कि प्रक्रिया में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की सभी लंबित निविदाओं को शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिया गया है। मंत्री ने साफ कहा कि 30 दिनों के भीतर यदि किसी निविदा पर निर्णय नहीं लिया गया, चाहे उसे पूरा किया जाए या रद्द तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 10 करोड़ की सीमा पर बहस सदन में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए तय 10 करोड़ रुपए की सीमा पर भी सवाल उठे। विधायक अमित कुमार ने कहा कि इस सीमा के कारण बड़े और जरूरी पुलों का निर्माण अटक रहा है। उनका तर्क था कि लागत बढ़ने के बावजूद विभागीय प्रावधान में बदलाव नहीं होने से विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने समाधान सुझाते हुए कहा कि यदि ग्रामीण विकास विभाग के पास 10 करोड़ से अधिक लागत वाले पुलों के निर्माण का प्रावधान नहीं है, तो ऐसी योजनाओं को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया जाए। इससे तकनीकी और वित्तीय अड़चनें दूर होंगी और निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Delhi HC notice to Centre, DU, police on plea against month-long ban on protest after UGC stir

3 min readNew DelhiFeb 26, 2026 02:40 AM IST The...

India’s Modi tells Israel’s Knesset: ‘No cause justifies killing civilians’ | Narendra Modi News

Listen to this article | 4 minsinfoIndian Prime Minister Narendra Modi...

T20 WC 2026: NZ vs SL Match 46, Super Eight Highlights – Best moments & who won today?

New Zealand sealed a clinical 61-run win over Sri...
Join Us WhatsApp